रायपुर, राज्य ब्यूरो। Chhattisgarh Assembly Session: छत्तीसगढ़ विधानसभा में विभागों के बजट (अनुदान मांगों) पर चर्चा में शामिल नहीं होने के अपने फैसले पर भाजपाई शुक्रवार को भी अड़े रहे। ऐसे में विपक्ष की अनुपस्थिति में ही दो मंत्रियों के सात विभागों की अनुदान मांग बिना चर्चा के ही पारित कर दी गई। इससे पहले प्रश्नकाल में गोबर खरीदी को लेकर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वाकआउट किया तो शून्यकाल में मंत्रालय में गांधीजी की पुरानी प्रतिमा लगाने को लेकर हंगामा हो गया। इससे सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

बताते चलें कि विधानसभा में बजट सत्र शुक्रवार को कार्यवाही संचालन को लेकर विपक्ष की आपत्ति के कारण सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष की तरफ से सदन की कायर्वाही नियम प्रकिया से चलाने की मांग की। विपक्ष की तरफ से बृजमोहन अग्रवाल ने जब यह मुद्दा उठाया तब सदन में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे अपने विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब दे रहे थे।

अग्रवाल ने कहा कि शुक्रवार को अंतिम ढाई घन्टे अशासकीय संकल्प के लिए होता है। तीन बज गए हैं इसलिए अब अशासकीय संकल्प लिया जाए। वैसे भी इस पांचवीं विधानसभा के किसी भी सत्र में अशासकीय संकल्प नहीं लिए गए है। विपक्ष की मांग पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति की।

इस बीच अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने व्यवस्था दी कि मौजूदा कार्यवाही पूरी होने के बाद अशासकीय संकल्प लिए जाएंगे। इस पर भाजपा के सभी सदस्य खड़े हो कर विरोध करने लगे। जवाब में सत्ता पक्ष की तरफ से सदन में मौजूद सभी मंत्री और विधायक भी खड़े हो। दोनों तरफ से शोरशराबा इतना बढ़ गया कि अध्यक्ष को कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

दूसरी बार स्थगित हुई कार्रवाई

वहीं, दोपहर बाद फिर सदन गरमा गया। दरअसल शुुक्रवार को सदन की कार्यवाही के अंतिम ढाई घंटे अशासकीय संकल्प के लिए तय है। सदन की कार्यसूची में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के पांच अशासकीय संकल्पों को शामिल किया गया था। इस पर चर्चा के लिए भाजपाई सदस्य तीन बजे से कुछ पहले सदन में आकर बैठ गए।

उस वक्त मंत्री रविंद्र चौबे अपने विभागों के अनुदान मांगों पर सदन में हुई चर्चा का जवाब दे रहे थे। जैसे ही तीन बजा भाजपा के सदस्यों ने नियमानुसार अशासकीय संकल्प पर चर्चा करने की मांग की। इस पर सदन में दोनों तरफ से शोर-शराबा इतना बढ़ा की सदन की कार्यवाही दूसरी बार स्थगित करनी पड़ी गई।

प्रदेश के इतिहास में पहली बार सीएजी में पहुंचा विपक्ष

भाजपा के विधायकों ने शुक्रवार को नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी) से प्रदेश सरकार की शिकायत की। भाजपा ने सरकार पर शराब पर कोरोना और गोठान के लिए लगाए सेस के दुरुपयोग का आरोप लगाया। प्रदेश के इतिहास में यह पहला मौका है जब विपक्ष शिकायत करने सीएजी कार्यालय तक पहुंचा।

Posted By: Shashank.bajpai

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