रायपुर(ब्यूरो)। पटवारी भर्ती में अनियमितता का मामला गुरुवार को विधानसभा में जोरशोर से उठा। मुख्य विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने इस मामले में राजस्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय को घेरने की कोशिश की और उनके जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन किया। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव, भूपेश बघेल व सियाराम कौशिक ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से पटवारियों की भर्ती में अनियमितता बरते जाने का मामला उठाया। राजस्व मंत्री ने सदन में बताया कि बालोद जिले में पटवारियों की भर्ती में अनियमितता सामने आई है। भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत की जांच में चयन की पूरी कार्रवाई दोषपूर्ण होना पाई गई, इसलिए बालोद जिले में पटवारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए की गई चयन की पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है और नए सिरे से भर्ती प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।

कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि बालोद जिले में पटवारी भर्ती में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ियां व घोटाला उजागर हुआ है। इसके कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया ही विवादित हो गई है। पटवारी परीक्षा के परिणाम में पांच से अधिक परिवार में एक ही परिवार के दो लोगों का चयन, अधिकारी-कर्मचारी के संबंधितों का चयन एवं कुछ अभ्यर्थियों के प्राप्तांक 90 से अधिक आने पर धांधली की आशंका पुष्ट होती है। बिलासपुर जिले में पटवारी परीक्षा में तीन परिवार के सगे दो-दो भाई को निरंतर क्रम में रोल नंबर आवंटित किया गया, जिन्हें सर्वाधिक अंक मिले हैं। राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पटवारी भर्ती प्रक्रिया का विकेंद्रीकरण कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से भर्ती की जा रही है। बिलासपुर जिले में उम्मीदवारों का चयन परीक्षा में प्राप्त अंकों व मेरिट के आधार पर किया गया है। भर्ती प्रक्रिया में कोई त्रुटि नहीं पाई गई है। सदस्य भूपेश बघेल ने कहा कि बालोद जिले के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी पटवारी भर्ती में अनियमितता की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने उन जिलों में भी भर्ती की प्रक्रिया निरस्त कर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की। राजस्व मंत्री ने इससे इंकार किया। इसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन किया।

Posted By:

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close