रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जनपद पंचायत अभनपुर के ग्राम सुंदरकेरा सरपंच के खिलाफ (मनरेगा) में अनियममितता बरतने की शिकायत हुई थी। इसकी जांच कर संबंधित सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी हुए थे, लेकिन आदेश पर कोई ठोस कार्रवाई जनपद पंचायत के माध्यम से नहीं किया। इसके बाद रायपुर जिला पंचायत ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अभनपुर जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को फटकार लगाते हुए जल्द अनियममितता की जांच कर सरपंच नाथूदास समेत उपसरपंच से राशि वसूलने, एफआइआर रिपोर्ट देने को कहा है। ज्ञात हो कि प्रकरण 2016-17 के समय का है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्य में 19 हजार रुपये की मजदूरी में अनियममितता शिकायत हुई है।

नरमी न बरतें सीईओ

अभनपुर पंचायत के सीईओ की तरफ से कार्रवाई में लेटलतीफी पर जिला पंचायत विभाग ने सख्ती दिखाते हुए सीईओ के नाम पत्र जारी किया है। वहीं 13 मई 2019 को जारी विभागीय आदेश में कहा गया है कि उक्त शिकायत के संबंध में संबंधित दोषियों से राशि वसूली कर एफआईआर दर्ज कराते हुए कार्यालय से जानकारी मांगी गई थी, जो कि अभी तक अप्राप्त है। इसलिए दोबारा इस संबंध में संबंधित दोषियों के खिलाफ राशि वसूली कर एफआइआर दर्ज कराते हुए जानकारी मांगी गई। वहीं संबंधित मामले में किसी भी प्रकार की कोई नरमी बरती गई तो जिला पंचायत रायपुर सीईओ के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। हालांकि इस संबंध में सीईओ का कहना है आदेश के आधार पर प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया गया है।

बगैर पूछे बना दी जांच रिपोर्ट

सरपंच पर लगे आरोप पर उनका कहना है कि मनरेगा राशि खाते में आती है। जो भी आरोप लगाया जा रहा है, उसका कोई आधार नहीं है। इसके अलावा जांच कर रही टीम ने उनके पक्ष को बगैर सुने ही शिकायत का आधार बना दिया है। मामला एसडीएम की सुनवाई में चल रहा है। वहीं जिला पंचायत रायपुर के अधिकारियों की मानें तो रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।