रायपुर, (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वास्थ्य विभाग में चल रही विभिन्न गतिविधियों को जमीनी स्तर पर मजबूती से पहुंचाने के साथ साथ विभिन्न कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग को दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिले के समस्त चिकित्सा अधिकारियों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन दो सत्रों में किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खेमराज सोनवानी द्वारा जिले में चल रहे समस्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को जमीनी स्तर पर पहुंचाते हुए उसकी रिपोर्टिंग को मजबूत करने की बात कही गई।

इसके अलावा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों की नियमित रिपोर्टिंग और उसके क्रियान्वयन के बारे में प्रतिभागियों को बताया गया। साथ ही इस दौरान किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य पर भी चर्चा की गई। उन्मुखीकरण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डॉ. सुजाता पांडेय ने बताया कि जिले के लगभग 60 चिकित्सा अधिकारियों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों पर उन्मुखीकरण किया गया।

विशेष रूप से मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ संचारी रोगों में कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम पर विस्तार से समझाया गया। क्षय रोग नियंत्रण के जिला नोडल अधिकारी डॉ. राजेश अवस्थी ने पीपीटी के माध्यम से समस्त चिकित्सा अधिकारियों को जिले में चल रहे कार्यक्रमों को विकासखंड वार समझाया। वहीं, विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एफआर निराला ने कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के विषय में मेडिकल अधिकारियों की समझ को विकसित की। इसके अतिरिक्त नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. राकेश कुमार द्वारा पीसीपीएनडीटी पर अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के महत्व पर चर्चा की गयी व मानसिक समस्या से जूझ रहे लोगों को तुरंत ही स्पर्श क्लीनिक से जोड़ने को कहा ताकि समय पर लोगों को उचित चिकित्सा सलाह एवं परामर्श उपलब्ध हो सके और वह एक नए जीवन को फिर से जी सकें।

जिला कार्यक्रम सलाहकार डॉ. सुजाता पांडेय ने आत्महत्या रोकथाम में मुख्य भूमिका निभाने वाले गेट कीपर को बनाने और उनके प्रशिक्षण के बारे में बताया साथ ही आत्महत्या को रोकने की बारे में भी विस्तार से खुली चर्चा की गई। इस अवसर पर इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) पर डॉ. नवदीप बांदे ने संक्षेप में चर्चा की।

Posted By: Shashank.bajpai

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