रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। Paddy purchase in Chhattisgarh छत्तीसगढ़ में 85 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विस्र्द्ध अब तक 78.29 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। पंजीकृत साढ़े 19 लाख किसानों में से साढ़े 17 लाख से अधिक अपना धान बेच चुके हैं। इसके एवज में उन्हें 13 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान हो चुका है।

खरीद की अंतिम तारीख 20 फरवरी तय है, यानी अब पांच दिन और खरीद होगी। इस बीच भाजपा ने समय सीमा 15 मार्च तक बढ़ाने की मांग की है। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा पर इस मामले में भ्रम फैलाकर झूठ के सहारे राजनीति करने का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने पहले 15 फरवरी तक धान खरीदने का फैसला किया था। इसके बढ़ाकर अब 20 फरवरी कर दिया है।

पिछले वर्ष की तुलना मे अभी तक दो लाख अधिक किसानों ने बेचा धान

राज्य में 13 फरवरी की स्थिति में कुल 17 लाख 61 हजार किसान धान बेच चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्ष धान बेचने वाले किसानों से करीब दो लाख अधिक है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कर्ज माफी से लाभान्वित किसानों को इस वर्ष सहकारी समितियों में धान बेचने के लिए पहली बार अवसर मिला है।

चार लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल सेंट्रल पूल में

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय खाद्य निगम द्वारा जनवरी 2020 तक राज्य का चार लाख 10 हजार मीट्रिक टन उसना चावल सेंट्रल पूल में और राज्य नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जनवरी 2020 तक 12 लाख 78 हजार मीट्रिक टन अरवा चावल राज्य के पूल में लिया जा चुका है।

अवैध परिवहन के चार हजार प्रकरण दर्ज

अधिकारियों ने बताया कि राज्य के किसानों को धान विक्रय का पूरा लाभ मिले, इसके लिए राज्य के बाहर से आने वाले अवैध धान तथा प्रदेश के भीतर अवैध रिसाइकिलिंग पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा रहा है। अब तक अवैध धान परिवहन के चार हजार 482 प्रकरण दर्ज कर 46 हजार 194 टन अवैध धान जब्त किया गया। धान परिवहन करने वाले 441 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है।

Posted By: Hemant Upadhyay

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