रायपुर। KBC's Karmayogi special: बोलना तो नहीं आता, लेकिन कर्म करना आता है। महिलाओं को कैसे जिंदगी जीना चाहिए, वह आता है। महानायक अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय नाॅलेज शो कौन बनेगा करोड़पति के मंच पर पहुंचीं छत्तीसगढ़ की पद्मश्री सम्मान विजेता फूलबासन यादव ने यह बातें कहीं। इस दौरान अभिनेत्री रेणुका शहाणे भी उनके साथ थी। 23 अक्टूबर को केबीसी के कर्मवीर स्पेशल शो में फूलबासन और रेणुका साथ में हॉट सीट पर नजर आएंगी। फूलबासन वह शख्सीयत हैं जिन्होंने महिला कर्मवीरों की फौज खड़ी की, नशे के खिलाफ मुहिम चलाई और आज अपने साथ जुड़ी सैकड़ों महिलाओं की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए काम कर रही हैं। केबीसी के इस पावर पैक एपिसोड में बहुत कुछ खास होगा। यहां फूलबासन और रेणुका के साथ ऑडियंस के रूप में छत्तीसगढ़ की बहुत सी कर्मयोगी महिलाएं भी शामिल होंगी।

जब महिलाएं एक-दूसरे का समर्थन करती हैं, तो अविश्वसनीय चीजें होती हैं और इस सप्ताह केबीसी के मंच पर भी कुछ ऐसा ही होने जा रहा है। 50 वर्षीय फूलबासन यादव छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ी महिलाओं के विकास की दिशा में अथक प्रयास कर रही हैं। फूलबासन ने खुद गरीबी के खिलाफ आत्म-सशक्तीकरण हासिल करने के लिए संघर्ष किया और बाद में दूसरों को सशक्त बनने में उनकी मदद अपनी संस्था मां बम्लेश्वरी जनहित कार्य समिति के माध्यम से कर रही हैं।

महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए पितृसत्ता की बेड़ियों को तोड़ने के अपने मिशन में संकल्पित फूलबासन अपने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से न केवल महिलाओं को रोजगार दिलाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने में मदद करती हैं, बल्कि गांव की स्वच्छता, स्वास्थ्य, पानी जैसी जरूरतों को भी देखती हैं। बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता फैलाना, घरेलू हिंसा, नशामुक्ति आंदोलन के जरिए वह समाज में नई चेतना ला रही हैं।

केबीसी के मंच पर जब बिग- बी ने फूलबासन का स्वागत किया, तो उन्होंने कहा, इस मंच पर आना एक सपने जैसा लग रहा है। फूलबासन ने कहा कि यदि आपके पास समर्पण और इच्छा शक्ति है, तो आप सब कुछ हासिल कर सकते हैं। मैं अपने गुरु देव को धन्यवाद देना चाहूंगी जिनकी वजह से मैं आज यहां हूं। मैं मां बम्लेश्वरी की 2 लाख महिलाओं और छत्तीसगढ़ के हर घर की अपनी टीम को भी धन्यवाद देना चाहूंगी। गांव में मट्टी सानने और गोबर साफ करने वाली महिलाओं को ज्यादा बोलना तो नहीं आता, लेकिन कर्म करना आता है।

बिग- बी ने जब उनसे पूछा कि वे वित्त में शामिल गतिविधियों को कैसे समझती हैं जो एक सफल संगठन चलाने के लिए जरूरी है, इस सवाल का जवाब देते हुए फूलबासनदने कहा- यदि आप अकेले रहते हैं, तो ये चीजें आपके दिमाग के पल्ले नहीं पड़ेंगी। उदाहरण के लिए यदि आप एक बिल्ली या कुत्ते को पत्थर से मारते हैं, तो वह भाग जाएगा, लेकिन मधुमक्खी के छत्ते पर पत्थर मारने से वह आपकी ओर आएंगी और संगठन की ताकत के साथ आप पर हमला करेंगी। यही एक संंगठन की ताकत है। बेहद सरलता के साथ उन्होंने बताया कि जब आप अकेले होते हैं, तो आप डर जाते हैं, लेकिन साथ में आप एक सामूहिक शक्ति बन सकते हैं जो कि अजेय है।

Posted By: Himanshu Sharma

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