रायपुर। राजकीय वृक्ष साल (सरई) के औषधीय गुणों की खोज में छत्तीसगढ़ राज्य वनौषधि पादप बोर्ड बाबा रामदेव के पतंजलि योग पीठ की मदद लेगा। बोर्ड जल्द ही पतंजलि को एक पत्र लिख बाबा रामदेव से सहयोग मांगेगा। इसकी तैयारी की जा रही है। इसके लिए वन मंत्री महेश गागड़ा से अनुमति मांगी जाएगी।

मंत्री की सहमति मिलते ही काम आगे बढ़ाया जाएगा। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में साल के जंगल तेजी से खत्म हो रहे हैं। वन विभाग हर साल साल वनों के नवीकरण पर करोड़ों रूपए व्यय करता है लेकिन नतीजा नहीं निकल रहा। साल वृक्ष प्राकृतिक रूप से उगते हैं।

इनके उत्पादन का प्रयास पहले सफल नहीं हो पा रहा था। हाल ही में वनौषधि पादप बोर्ड ने सरई के अंकुरण में सफलता हासिल की है। इससे उत्साहित बोर्ड साल वनों को दोबारा पुराने स्वरूप में विकसित करने की योजना बना रहा है।

हालांकि विभाग के अफसरों का कहना है कि साल के जंगल वन विभाग का विषय है न कि औषधि पादप बोर्ड का। यह बहस भी चली कि साल के वृक्ष की कोई औषधीय उपयोगिता है या नहीं। इसी बीच यह पता चला कि पतंजलि योग पीठ ने साल के औषधीय गुणों पर पहले से काफी रिसर्च किया है। वनौषधि पादप बोर्ड अब उनके रिसर्च का छत्तीसगढ़ में साल वनों के उत्पादन पर उपयोग करना चाहता है।

साल वृक्ष पतंजलि के नजरिए से

पतंजलि की डाइजेस्ट कहती है कि साल के वृक्ष उष्ण कटिबंधीय हिमालयी क्षेत्रों से लेकर असम, पंजाब, हिमाचल, बिहार, एमपी, छत्तीसगढ़ आदि जगहों पर मिलता है। चरक संहिता में कई रोगों के उपचार में इसका उपयोग बताया गया है।

साल के बीज में इलेजिक अम्ल, चेबुलिनिक तथा गैलिक अम्ल पाया जाता है। इसके राल में टेरेक्सास्टानोनोल, बीटा सिटोस्टेरॉल, हाइड्रोक्सीहेपानोन आदि रसायन होते हैं। इसकी छाल में रेजिन, लिगनिन, वसीय अम्ल, तथा टैनिन होता है। यह वृक्ष कप पित्त नाशक, ग्राही, स्तंभक, वर्णशोधक, वेदनास्थापक, योनिदोषहर, मेदोहर तथा वर्ण्य होता है।

यह त्वचा विकार, कर्णपूय, रक्त विकार, कुष्ठ, व्रण, विद्रधि, श्वास, कुंडू, क्रिमी, योनिरोग में लाभदायक है। साल के गोंद को अंगारों में जलाकर धूम्रपान करने से हिक्का की बीमारी ठीक होती है। पतंजलि की रिसर्च में साल के इसके अलावा भी दर्जनों उपयोग बताए गए हैं।

पतंजलि योग पीठ ने साल वृक्ष के औषधीय गुणों पर जो जानकारी दी है वह महत्वपूर्ण है। विभाग से मदद मिली तो हम साल के रिसर्च में उनकी मदद ले सकते हैं। -एससी अग्रवाल,एमडी, छग राज्य वनौषधि पादप बोर्ड

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