रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ब्रज मंडल में स्वास्थ्य और चिकित्सा के लिए मिशन बनाकर कार्यरत मानस मर्मज्ञ - विजय कौशल के आह्वान का असर राजधानी समेत प्रदेशवासियों में भी नजर आया। सैकड़ों हाथ इस सेवा रूपी यज्ञ में आहुति देने के लिए उठे। गौरतलब है वृंदावन निवासी संत विजय कौशल महाराज पिछले कुछ समय से देश में घूम-घूम कर ब्रजभूमि के कल्याण की दिशा में सक्रिय हैं। इसी कड़ी में उनका राजधानी आगमन हुआ था।

संत कौशल महाराज ने बताया- ब्रज में बदलाव क्यों जरूरी है

मंगल परिवार के माध्यम से साकार हुई इस 'सेवा - संध्या के लिए सुरेंद्र जैन ने महाराज से छत्तीसगढ़ को भी इस पुण्यमार्ग में सहभागी बनाने का आह्वान किया, जिसका परिणाम सुखद आया। ब्रज में बदलाव क्यों जरूरी है ? इसे जब तथ्यों के साथ संत कौशल महाराज ने बताना शुरू किया तो समता कालोनी स्थित मैक कालेज के सभागार में उपस्थित जन समुदाय भी चौंक उठा कि आध्यात्मिक तीर्थ होने के बावजूद ब्रज यानी वृंदावन में कितनी कमियां हैं?

छतीसगढ़वासियों की उदारता से अभिभूत

व्याख्यान के बाद कौशल महाराज ने जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने बताया कि वे छतीसगढ़वासियों की उदारता से अभिभूत हैं। आयोजक समूह से सम्बद्ध सुरेंद्र जैन के अनुसार जिस भावना के साथ महाराज यहां आए, वह एक हद तक पूरी होती दिख रही है।

आयकर में इसके लिए छूट का प्रविधान

इसी दौरान महाराज ने जानकारी दी कि भोजन सेवा में प्रतिदिन, सप्ताह भर और महीने भर के हिसाब से इच्छुक व्यक्ति अपने पूर्वज आदि की पुण्य स्मृति में खर्च वहन कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वे यदि चाहें तो स्वयं भोजन वितरण का पुण्य लाभ ले सकते हैं। आयकर में इसके लिए छूट का प्रविधान तो है ही, सीएसआर प्रणाली के तहत बड़े समूहों के लिए भी सहयोग की राह खुली है। इस प्रसंग पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्यजन परिवार सहित मौजूद थे।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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