रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रायपुर के जेल रोड अटल बिहारी बाजपेयी सभागृह में श्री झूलेलाल मंदिर झूलेलाल नगर चकरभाटा के संत लाल साई का महा दिव्य सत्संग हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान झूलेलाल जी के मूर्ति पर फूल माला पहनाकर वह दीप प्रज्वलित करके की गई। महेश आहूजा एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं व पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष पदाधिकारियों ने साईं जी का फूल माला पहनाकर स्वागत किया।

स्वागत के बाद सत्संग की शुरुआत बाबा गुरमुखदास सेवा समिति रायगढ़ के सदस्य हेमू ने भजन प्रस्तुत किया। साईं जी ने ज्ञानवर्धक कथा सुनाई। उन्होंने घाघर की महिमा बताई। कहा झूलेलाल चालिहा महोत्सव साल में दो बार मनाया जाता है। एक सावन के महीने में दूसरा दिवाली के बाद जो चंद्र आता है, उसके बाद मनाया जाता है। जैसे साल में दो नवरात्रि होती है। दोनों का महत्व बराबर होता है, उसी तरह यह चालीहा का भी महत्व बराबर है।

इस 40 दिनों में भगवान की पूजा अर्चना करने से उपवास रखने से सिमरन करने से तन और मन दोनों को शांति मिलती है। वह कई दुखों का अंत होता है। कई फल की प्राप्ति भी होती है। इसलिए सभी को चालिहा का उपवास रखना चाहिए, यह जो नहीं रख पाते हैं आखरी के 5 दिन कम से कम भगवान झूलेलाल के नाम पूजा अर्चना करें ।

इस अवसर पर विजय गोविंद दुसेजा, राकेश डेंगवानी, सिंधु यूथ के संपादक देव आनंद शर्मा, डिंपल शर्मा का संत लाल साई ने शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। रायपुर की सामाजिक संस्था सेवा एक पहल की तरफ से भी विजय दुसेजा का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के आखिर में आरती की गई और प्रसाद वितरण किया गया। सत्संग में शामिल होने के लिए बिलासपुर, चकरभाटा, तिल्दा, भाटापारा, रायगढ़, दुर्ग, भिलाई और राजनंदगांव से समाज के लोग आए थे। सत्संग समारोह को सफल बनाने में बाबा गुरमुखदास सेवा समिति के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

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