रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Indo Pak War 1971: साल 1971 में भारत-पाक युद्ध में भारत की जीत को 60 वर्ष पूरे होने पर स्वर्णिम विजय मशाल यात्रा निकाली गई है। बुधवार को यह स्वर्णिम विजय मशाल राजधानी पहुंची। इस मौके पर राज्यपाल अनुसुईया उईके ने स्वर्णिम विजय वर्ष के अवसर पर आयोजित किए गए समारोह में विजय मशाल का सम्मान किया। कार्यक्रम में जब विजय मशाल का राजभवन के दरबार हाल में सैनिकों के साथ प्रवेश हुआ तो उपस्थित जन समुदाय रोमांचित हो उठा और सभी अपने स्थान पर खड़े होकर मशाल को सैल्यूट किया।

राज्यपाल ने वर्ष 1971 के युद्ध में शहीद हुए शूरवीरों को नमन किया और युद्ध में भाग लिए सैनिकों और उनके स्वजनों का स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा कि विजय मशाल के छत्तीसगढ़ आगमन पर हम सभी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह मशाल टीम जिस जोश और उमंग के साथ इस विजयरूपी मशाल का संचालन कर रही हैं। यह हमारे वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक प्रेरणास्रोत साबित होगी।

उल्लेखनीय है कि 1971 का युद्ध पूर्वी पाकिस्तान के स्वतंत्रता संग्राम के चलते तीन दिसंबर 1971 को शुरू हुआ और 13 दिन तक संघर्षपूर्ण चुनौती के बाद 16 दिसंबर 1971 को भारत को यादगार विजय प्राप्त हुई। इस युद्ध में हमारे वीर सैनिकों ने अदम्य साहस, युद्ध कौशलता एवं उत्कृष्ट रणनीति का बेहतरीन परिचय दिया। लगभग 93000 पाकिस्तानी सैनिकों को युद्ध बंदी बनाया गया और लगभग 9000 पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सेना के जवानों ने मार गिराया था।

लगभग 2000 सैनिकों ने देश के लिए निडरता के साथ अपने जीवन को कुर्बान किया और अमरता को प्राप्त किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के 1971 के युद्ध में भाग लेने और उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद किया और उन्हें बधाई दी। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह, रायपुर सांसद सुनील सोनी, जनरल आफिसर इन कमांडिंग, मध्य भारत लेफ्टिनेंट जनरल एस मोहन, छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया के कमांडर ब्रिगेडियर प्रशांत चौहान, एनसीसी कैडेट्स, सैनिक और उनके स्वजन उपस्थित रहे।

Posted By: Shashank.bajpai

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