रायपुर। स्थानीय चुनावों का परफॉर्मेंस दावेदारों के लिए निगम-मंडल की कुर्सी और संगठन में पद तय करेगा। इस कारण दावेदारों पर अपने क्षेत्र में पार्टी के प्रत्याशियों को नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में बढ़त दिलाने का दबाव होगा। यह व्यवस्था इसलिए बनाई जा रही है, ताकि दावेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा का लाभ चुनावों में पार्टी को मिले। पोलिंग बूथ क्षेत्रवार मिले वोटों के आधार पर संगठन दावेदारों के परफॉर्मेंस की रिपोर्ट तैयार करेगा। नगरीय निकाय चुनाव के बाद संगठन में बदलाव की संभावना है, जबकि निगम-मंडल की कुर्सी तो पंचायत चुनाव के बाद ही बंटेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सार्वजनिक तौर पर कह दिया है कि निगम, मंडल, प्राधिकरण, आयोगों में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के बाद ही नियुक्तियां की जाएंगी। यह कहकर उन्होंने साफ कर दिया है कि जो नेता या पदाधिकारी निगम-मंडल की कुर्सी के लिए दावेदारी कर रहे हैं, पहले वे स्थानीय चुनाव में संगठन और उसके प्रत्याशी के लिए काम करके दिखाएं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम पहले तो यह कह रहे थे कि वे जल्द ही जिला कमेटियों का पुनर्गठन करेंगे और उसके बाद प्रदेश कमेटी का गठन होगा। अब मरकाम भी संगठन के पुनर्गठन को लेकर जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद मरकाम पर दो उपचुनाव, नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में अच्छा परफॉर्मेंस का दबाव है।

इस कारण अभी उन्होंने चुनावों को ही फोकस कर रखा। दंतेवाड़ा उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली, इससे उनका उत्साह बढ़ा है। 21 अक्टूबर को चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव है। वर्ष के अंत में नगरीय निकाय और जुलाई 2020 में पंचायत चुनाव होना है। संगठन के पदाधिकारी यह संभावना जता रहे हैं कि नगरीय निकाय चुनाव के बाद मरकाम जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे और पंचायत चुनाव से पहले कमजोर पदाधिकारी बदल दिए जाएंगे।

त्रिस्तरीय चुनाव में प्रतिष्ठा दांव पर होगी

सत्ताधारी दल होने के कारण नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव में कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी होगी, क्योंकि 90 में से 68 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। लोकसभा चुनाव में भले ही कांग्रेस को 11 में से केवल दो ही सीटें मिल पाई थीं, लेकिन दंतेवाड़ा विधानसभा सीट को भाजपा से छीनकर कांग्रेस ने अपना दम दिखाया है। अगर, कांग्रेस की झोली में चित्रकोट विधानसभा सीट वापस आ जाती है, तो उससे स्थानीय चुनावों के लिए कांग्रेसियों में उत्साह बढ़ जाएगा।

Posted By: Sandeep Chourey