रायपुर। बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण की आदत डालने के लिए ग्रीन स्कूल, क्लीन स्कूल योजना लागू की जाएगी। इस योजना के तहत स्कूलों में बच्चे न केवल पौधा लगाएंगे, बल्कि उसके बड़े होने तक देखभाल भी करेंगे। पौधे को पेड़ बनाने वाले बच्चों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने राजीव भवन में मीडिया को बताया कि सरकार हर स्कूल को ईको फ्रेंडली बनाने पर काम कर रही है। स्कूल परिसर में मैदान है, तो वहां पौधे लगवाए जाएंगे। जिन स्कूलों में खाली मैदान नहीं है, वहां किचन गार्डन बनवाया जाएगा।

इसमें बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बच्चों को पौधे दिए जाएंगे और उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे रोज अपने लगाए पौधे को पानी दें। मंत्री ने बताया, इस बात पर भी विचार हो रहा है कि पर्यावरण विषय में पौधे लगाने और उसकी देखभाल का नंबर भी जोड़ा जाए।


1246 स्कूल ब्लैक बोर्ड से की-बोर्ड की ओर

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 1246 स्कूलों में ब्लैक बोर्ड से की-बोर्ड की ओर योजना पर काम हो रहा है। जहां, बच्चों के लिए कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रोजेक्टर की व्यवस्था की जा रही है।


15 क्षेत्रीय बोलियां पढ़ाई जाएंगी

प्रदेश के स्कूलों में 15 क्षेत्रीय बोलियां पढ़ाने और सिखाने का भी निर्णय लिया गया है। प्राथमिक स्कूलों में बोलियां पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है।


अंग्रेजी स्कूलों में नहीं पहुंचीं किताबें

स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि हर विकासखंड में एक प्रायमरी और एक मिडिल स्कूल में एनसीईआरटी की अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई शुरू की जा रही है। मंत्री ने माना कि अभी तक कई स्कूलों में किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। इसका पहला कारण उन्होंने एनसीईआरटी से किताबें देर से आना बताया। दूसरा, जिला शिक्षा अधिकारियों ने जितनी किताबें मांगी थी, उससे 10 फीसद अधिक मंगाने पर भी कम पड़ना बताया।


दरबार में निजी स्कूलों में मनमानी फीस की शिकायत

स्कूल शिक्षा मंत्री ने गुस्र्वार को राजीव भवन में दरबार लगाया था, जिसमें कुछ निजी स्कूलों के प्रबंधन के लोग भी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि आरटीई के तहत 2.80 लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उनके बच्चों की फीस दो साल से निजी स्कूलों को नहीं मिली है।

मंत्री ने बताया कि आरटीई के बच्चों की फीस का 25 फीसद अंश राज्य सरकार और 75 फीसद केंद्र सरकार देती है। मंत्री ने इस पर केंद्र सरकार से पत्राचार करने की बात कही। कुछ परिजन निजी स्कूलों में मनमानी फीस की शिकायत लेकर पहुंचे थे।

मंत्री ने कहा कि फीस नियामक आयोग बनाया जाएगा, जो कई राज्यों का दौरा कर फीस स्ट्रक्चर तैयार करेगा। उससे ज्यादा फीस निजी स्कूल नहीं ले पाएंगे। मंत्री ने बताया कि पार्टी के कई कार्यकर्ता शिक्षाकर्मियों का तबादला कराने का आवेदन लेकर पहुंचे थे।