PM Modi And AIIMS Raipur: रायपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बनारस में लांच किए गए फ्लैगशिप कार्यक्रम 'पीएम आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन' में आम लोगों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एम्स रायपुर का भी जिक्र किया गया। निदेशक प्रो. (डा.) नितिन एम. नागरकर ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए इसके लिए एम्स परिवार के प्रयासों की सराहना की है।

बनारस में शुरू किए गए मिशन के अंतर्गत 64 हजार करोड़ रुपये की लागत से स्वास्थ्य के लिए आधारभूत संरचना बनाए जाने का प्रस्ताव है। प्रो. नागरकर ने मिशन के संदर्भ में कहा है कि इससे गांव, ब्लाक और जिला स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी। 35 हजार नए बेड प्रदान करने, 15 बीएसएल लैब बनाने और चार नए नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलाजी स्थापित करने से स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इससे टेस्टिंग, उपचार और फलोअप की सुविधाएं आम लोगों को सुलभ हो सकेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन की लांचिंग में आनलाइन भाग लेते निदेशक प्रो. (डा.) नितिन एम. नागरकर। फोटो-एम्‍स रायपुर।

इस अवसर पर एम्स रायपुर के साथ अन्य एम्स का भी जिक्र किया गया जिन्होंने कोविड महामारी के दौरान अहम योगदान दिया। प्रो. नागरकर ने कहा है कि प्रत्येक जिला अस्पताल को 90 से 100 करोड़ रुपये की सहायता मिलने के बाद जिला स्तर पर ही रोगियों का इलाज संभव होगा और इससे एम्स सहित बड़े अस्पतालों पर सामान्य रोगियों का दबाव कम हो सकेगा। इससे सुपर स्पेशयल्टी सेवाओं और शोध पर एम्स जैसे संस्थान अपना ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। इस अवसर पर उप-निदेशक (प्रशासन) अंशुमान गुप्ता भी मौजूद रहे।

एम्स के आयुर्वेद विभाग में 29 को स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम

एम्स, रायपुर के आयुर्वेद विभाग द्वारा 29 अक्टूबर को को 1 माह से 16 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन कार्यक्रम आयोजित होगा। आयुर्वेद विभाग के चिकित्सा अधिकारी डा. सुनील कुमार राय ने बताया कि आयुर्वेद में स्वर्ण प्राशन का बढ़ते बच्चों के लिए विशेष महत्व है।

यह शुद्ध स्वर्ण के साथ आयुर्वेदिक औषधियों का मिश्रण है। इसका सेवन केवल पुष्य नक्षत्र के दिन मुहूर्त के अनुसार किया जाता हैI जिससे मस्तिष्क की तंत्रिकाएं मजबूत होती हैं, स्मरण शक्ति और रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। साथ ही यह मौसमी बीमारियों से भी सुरक्षित रखता है।

कार्यक्रम के लिए पूर्व में पंजीयन करवाना आवश्यक है। एम्स के ए-ब्लाक के बेसमेंट में संचालित विभाग में केवल प्रथम 500 पंजीकृत लाभार्थियों को स्वर्ण प्राशन की सुविधा दी जाएगी।

Posted By: Kadir Khan

NaiDunia Local
NaiDunia Local