रायपुर। Chhattisgarh Edit: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रोड सेफ्टी वर्ल्ड टी-20 सीरीज के बहाने ही सही दुनियाभर की टीमों का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच शुरू हुआ। इसमें क्रिकेट जगत के दिग्गज खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। मैचों का यह सफल आयोजन भविष्य के द्वार खोलेगा। भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के लिए रायपुर के नाम पर भी विचार होगा। इस आयोजन के साथ सट्टेबाजी का गहरा दाग भी लग गया है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह पता होने के बावजूद कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट मैच हो रहे हैं प्रशासन सतर्कता के मामले में उदासीन बना रहा।

राजधानी में एक तरफ क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज खिलाड़ी आ रहे थे, तो दूसरी ओर दुनियाभर के सट्टेबाज भी रायपुर पहुंच रहे थे। मगर, प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। राज्य का खुफिया विभाग एक तरह से सोया ही रहा। नतीजा यह हुआ कि सट्टेबाजों ने न केवल अपना जाल फैला लिया, बल्कि नेटवर्क भी मजबूत कर लिया। देर से ही सही पुलिस को सट्टेबाजों के बारे में जानकारी मिल गई। अब पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा ले कि वह सट्टेबाजों के नेटवर्क तक पहुंच गई है, लेकिन सच्चाई यह है कि राज्य का खुफिया तंत्र इस मामले में पूरी तरह विफल रहा है।

सट्टेबाजी से आज तक किसी का भला तो नहीं हुआ है। मगर, सरकार को राजस्व का चूना जरूर लगा है। सट्टेबाजी और क्रिकेट से पुराना नाता है। पहले सट्टेबाजी घुड़दौड़ में लगाई जाती थी। जब उस पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया तब जाकर सट्टेबाजों का सॉफ्ट टारगेट बने क्रिकेटर और क्रिकेट। कई अच्छे क्रिकेट खिलाड़ियों का पूरा करियर बर्बाद हो गई। सट्टेबाजी आजकल हर खेल के साथ जोंक की तरह चिपक गई है।

यह बड़े स्तर पर खेला जाने वाला जुआ है। जुआ से ही भले किसी एक को बड़ा लाभ मिलता है परंतु लोग लोभ में इसकी ओर आकर्षित हो जाते हैं। यह पूरी तरह से धोखाधड़ी का खेल है। सट्टेबाजी ने जाने कितने घरों को अर्श से फर्श पर ला दिया। सट्टेबाजी के नशे का सरूर सब कुछ लुटाने के बाद ही उतरता है। मगर तब तक व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्तता की हालात में पहुंच चुका होता है।

सट्टेबाजों पर अंकुश लगाना प्रशासन के समक्ष बड़़ी चुनौती है, क्योंकि जहां कहीं भी मैच होता है, वहां ये सट्टेबाज अपना जाल फैला ही लेते हैं। इसे पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता ही कहेंगे कि सट्टेबाजों का नेटवर्क सरकार और प्रशासन से बड़ा हो गया है। अगर इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो सट्टेबाजी के शिकार लोगों के साथ राजस्व पर भी डाका डाला जाता रहेगा।

Posted By: Shashank.bajpai

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