रायपुर। राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ में फोन टेपिंग को लेकर एक बार फिर सियासत गर्म हो गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के लिए फोन टेपिंग कराई जा रही है। मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब कांग्रेस ने मोर्चा संभाल लिया है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष को परेशान करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है। भाजपा विपक्षी दलों की सरकारों को गिराने का षड्यंत्र पिछले आठ सालों से कर रही है। फोन टेपिंग के साथ सीबीआइ, ईडी, आइटी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दल के नेताओं पर दबाव बनाना, विधायकों की खरीद फरोख्त कर सरकारों पर कब्जा करना भाजपा का मूल चरित्र बन गया है।

शुक्ला ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार पर विपक्षी नेताओं की जासूसी के आरोप नए नहीं है। पेगासेस साफ्टवेयर की अवैध खरीदी और उसके उपयोग के पुख्ता आरोप भाजपा सरकार पर लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र से इस मामले में सफाई मांगी थी, लेकिन केंद्र सरकार कोई स्पष्ट जबाब नहीं दे पाई है।

शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस की मध्य प्रदेश सरकार पर कब्जा, कर्नाटक में तख्तापलट, गोवा-मणिपुर में बहुमत के बिना अलोकतांत्रिक ढंग से सरकार बनाने के कई उदाहरण हैं। कांग्रेस के आरोपों पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने पांच सवाल पूछे हैं।

साय ने पूछा कि भूपेश सरकार के मंत्री और विधायक ऐसा कौन का कार्य कर रहे हैं, जिसका फोन टेप हो रहा है। मुख्यमंत्री बघेल का हाल बेहाल क्यों हो गया है। केंद्र की भाजपा सरकार हमेशा संवैधानिक रूप से कार्य करती है, लेकिन छत्तीसगढ़ कांग्रेस को किस बात का भय सता रहा है?

साय ने कहा कि क्या भूपेश बघेल को अपने घर के भीतर (केबिनेट) से खतरा है? यदि है तो वे ऐसे साथियों पर एक्शन क्यों नहीं ले रहे हैं, जिनकी बातें उजागर होने पर अपनी सरकार के अस्थिर होने का अंदेशा है? सीएम बघेल बताएं कि उनके प्रशासनिक सहयोगियों पर पहरेदारी बढ़ाने की वजह क्या है? मंत्री द्वारा एक कलेक्टर को भ्रष्ट बताने पर अफसर या मंत्री दोनों में से दोषी को क्यों नहीं हटाया गया?

Posted By: Ashish Kumar Gupta

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close