रायपुर,राज्य ब्यूरो। Politics Of Bastar: छत्तीसगढ़ में मंत्रियों के प्रभार जिलों में बदलाव के बाद एक बार फिर आपसी खींचतान शुरू हो गई है। मंत्री टीएस सिंहदेव और ताम्रध्वज साहू के प्रभार जिलों में कटौती पर उनके करीबी नेताओं में निराशा है, तो भाजपा भी निशाना साधने से पीछे नहीं हट रही है।

इस बीच मंत्री कवासी लखमा को बस्तर के पांच जिलों का प्रभार देकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महेंद्र कर्मा के बाद बस्तर की सियासत में खाली जगह को भरने की कोशिश की है। कवासी बस्तर में इकलौते विधायक हैं, जो लगातार चार बार से विधायक हैं। बड़े-बड़े दिग्गजों को किनारे करके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उनको मंत्री बनाया। अब बस्तर के 12 विधायकों की सीट बचाने का जिम्मा कवासी के कंधे पर आ गया है।

मंत्रियों के प्रभार जिले में फेरबदल को लेकर सरकार के प्रवक्ता और मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि जिलों के विकास कार्यों में किसका कितना योगदान हो सकता है। संभावित रूप से निरंतर बैठक, संवाद और जनसंपर्क होना चाहिए। जिलों के संभावित विकास को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यह जिम्मेदारी दी है। यह मुख्यमंत्री का विवेकाधिकार है, जिस मंत्री को जिन जिलों की जवाबदारी दी गई है, वह अपने जिले पर बेहतर परफार्म करेंगे।

दरअसल, सरकार ने सबसे बड़ा बदलाव बस्तर में ही किया है। यहां आदिवासियों का आंदोलन चल रहा है। आदिवासी सड़क पर उतरकर अलग बस्तर की मांग कर रहे हैं। अंदरुनी इलाकों में नक्सलियों के प्रभाव के कारण विकास कार्य रुक गए हैं। ऐसे में कवासी पर नक्सली चुनौती का सामना करते हुए न सिर्फ विकास कार्यों को अंजाम तक पहुंचाने की चुनौती है, बल्कि ढाई साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की 12 विधानसभा सीट बचाने का जिम्मा भी सौंपा गया है।

हालांकि रविंद्र चौबे ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां आने वाले भविष्य के चुनाव की तैयारियों को हर दृष्टि से ध्यान में रखती हैं। केवल जिलों के प्रभार बदलने को आधार मत मानिए। हमारा संगठन है, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया आए थे, राजीव भवन में बैठक हुई थी। उस समय सभी वर्गों के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों से उन्होंने चर्चा की है।

सियासी पिच पर ट्वेंटी-20

प्रभार में बदलाव के बाद सियासी पिच पर ट्वेंटी-20 का नजारा देखने को मिल रहा है। मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रभार जिले में बदलाव पर कहा कि पहले मेरे पास बारह विधानसभा की जिम्मेदारी थी, अब पांच विधानसभा की जिम्मेदारी है। बतौर टीम जो भी जवाबदारी मिलेगी निभाउंगा। टीम में बैटिंग करने कहा जाए, बालिंग करने कहा जाए, जो भी जिम्मा दिया जाए, निभाता रहा हूं और आगे भी निभाता रहूंगा।

सिंहदेव के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन ने टिप्पणी की। रमन ने कहा कि एकजुटता की बात सिंहदेव ने कही है, यह बहुत अच्छी बात है। क्योंकि आज कांग्रेस के अंदर जब भी चर्चा होती है, तो यह विषय जरूर उठता है। सिंहदेव को अभी जो दायित्व मिला है, उसे वह फिल्डिंग मान रहे हैं या बैटिंग मान रहे हैं।

Posted By: Azmat Ali

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