रायपुर। छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के दो दर्जन से अधिक तालाब जलकुंभी और खरपतवार से पटे हुए है।इन तालाबों की स्थायी देखभाल के लिए नगर निगम पोंड क्लीनर और बीड हार्वेस्टर मशीन खरीदने की तैयारी कर रहा है। इससे तालाबों की सफाई नियमित तौर पर होगी और मशीन होने के कारण नगर निगम को बार-बार खर्च नहीं करना पड़ेगा।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि मशीन की खरीदी के बाद अगले दस साल तक तालाबों की सफाई बेहतर ढंग से होती रहेगी। जलकुंभी साफ करने के साथ तालाबों में पानी रीचार्ज के भी उपाय किए जाएंगे।कैचमेंट एरिया के आसपास अतिक्रमण को रोकने के साथ पुराने कब्ज भी हटाए जाएंगे। तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए निगम बड़े पैमाने पर अभियान चलाएगा।

तालाबों के सुंदरीकरण पर रायपुर निगम और स्मार्ट सिटी मिलकर 70 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्लान पर काम कर रहे हैं। अधिकांश तालाबों में सौंदर्यीकरण के काम पूरे हो चुके हैं, लेकिन उनके पानी को बचाने और साफ करने को लेकर सरकारी स्तर पर कोई बड़ा प्लान अब तक नहीं बन पाया है। इससे शहर के दो दर्जन से ज्यादा तालाब विलुप्त होने स्थिति में हैं।इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद राज्य सरकार और नगर निगम ने तालाबों की सफाई और पानी साफ करने की योजना पर काम करना शुरू किया है। नगर निगम ने इस दिशा में पहला कदम बढ़ाते हुए बीड हार्वेस्टर मशीन खरीदने जा रहा है।

इसके लिए कंपनियों से आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) मंगाए जा रहे हैं। विभिन्न कंपनियां अपनी-अपनी मशीनों की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी देंगी। रायपुर के लिए जो मशीन सबसे उपयुक्त होगी, उसकी खरीदी के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। ओपन टेंडर में सभी कंपनियां हिस्सा ले सकेंगी।

बचेगा समय और खर्च

तालाबों से जलकुंभी हटाने के लिए नगर निगम समय-समय पर स्थानीय लोगों को ठेके पर काम देता है। स्थानीय मछुआरों और ढीमर समाज के लोग तालाबों से जलकुंभी हटाने का काम करते हैं। परंपरागत तरीके से तालाब की सफाई में काफी दिन और समय लग जाता है। लाखों रुपए खर्च भी होते हैं। कुछ दिनों बाद तालाब फिर उसी स्थिति में पहुंच जाते हैं। मशीन से सफाई में ये सारी दिक्कतें खत्म हो जाएंगी।

जड़ से कटाई

मशीन से दो से तीन घंटे में एक बड़े तालाब की सफाई की जा सकती है। बड़े से बड़ा तालाब अधिकतम एक दिन में साफ किया जा सकता है। निगम अफसरों ने बताया कि बूढ़ातालाब और महाराजबंध जैसे शहर के बड़े तालाबों को साफ करने में काफी दिक्कत आती है। तालाब से जलकुंभी हटाने में चार से पांच दिन लग जाते हैं। मशीन आने से यह अब कुछ घंटों में हो जाएगा। बीड हार्वेस्टर मशीन जलकुंभी को जड़ से काटकर उसे बाहर निकाल देगी।

किराए पर भी देंगे

बीड हार्वेस्टिंग मशीन की कीमत एक से दो करोड़ रुपए है। हर कंपनी का अलग-अलग रेट हैं। अब रायपुर निगम के पास भी यह मशीन होगी। रायपुर निगम के अफसरों के अनुसार इस मशीन का उपयोग रायपुर के अलावा राज्य के दूसरे निगम भी कर सकेंगे। नगर निगम इसे किराए पर भी चला सकेगा। इससे निगम को आमदनी होगी और मशीन की लागत भी वसूल हो जाएगी। चलते रहने से मशीन का मेंटनेंस भी होगा।

जगदलपुर निगम में ये सुविधा

देश के कुछ राज्यों में नगर निगम अपने यहां के तालाबों को साफ करने के लिए बीड हार्वेस्टिंग मशीन का उपयोग कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में जगदलपुर नगर निगम ने दलपत सागर को साफ करने के लिए ऐसी मशीन खरीदी है। इससे तालाब को साफ रखने में काफी मदद मिल रही है।

मेंटेनेंस पर अभी फैसला नहीं

अफसरों ने बताया कि दूसरे राज्यों में मशीन संचालन की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी को ही दी गई है। मशीन बनाने वाली कंपनी से टेक्नालॉजी समझने के बाद नगर निगम तय करेगा कि उसका संचालन कौन करेगा। यदि चलाने और मेंटनेंस में दिक्कत आई तो शर्त के साथ खरीदी की जाएगी।

मशीन से बेहतर देखभाल

रायपुर महापौर एजाज ढेबर ने कहा, तालाबों की सफाई के लिए मशीन खरीदने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही इसका टेंडर जारी किया जाएगा। बीड हार्वेस्टर मशीन होने से हम तालाबों की बेहतर देखभाल कर सकेंगे।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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