Potters And Small Craftsmen: रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्‍तीसगढ़ में दिवाली के मौके पर कुम्हारों, स्व सहायता समूहों, छोटे कारीगरों से कोई भी कर या शुल्क नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस संबंध में राज्य के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किया है। सीएम ने उन्हें पूर्ण सहयोग और समस्त आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं।

बता दें कि दिवाली के मौके के लिए विशेष रूुप से तैयार की गई सामग्रियों की बिक्री के लिए स्टाल, दुकानें लगाई जाती हैं। कुम्हार दीये, दीप, मूर्तियों, स्व-सहायता समूहों और छोटे कारीगरी कई तरह के सजावटी सामग्री सहित अपने तैयार उत्पादों की बिक्री करने शहरों में आते हैं।

इन लोगों पर कोई आर्थिक बोझा न पड़े और वे लोग सुविधाजनक रूप से सामग्रियों का विक्रय कर सकें, इसलिए मुख्यमंत्री ने इन लोगों को पूर्ण सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को लखनऊ प्रवास पर रवाना होने से पहले यह आदेश दिया है।

बघेल ने इसी कड़ी में आम जनता से भी यह अपील की है कि वे दिवाली के मौके पर स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार सामग्रियां ही खरीदें और उन्हें भी अपनी खुशियों में शामिल करने की पहल करें।

एक लाख से अधिक ग्रामीणों के घर पहुंचा नल कनेक्शन

जल जीवन मिशन के तहत राज्य के एक लाख से अधिक ग्रामीणों के घरों में पेयजल कनेक्शन पहुंचा दिया गया है। साथ ही अब तक छह लाख 50 हजार ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराई गई है। इस विशेष उपलब्धि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बधाई दी है।

अफसरों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस मिशन के तहत वर्ष 2023 तक देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 39 लाख से अधिक ग्रामीण घरों में घरेलू नल कनेक्शन से पेयजल देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल कनेक्शन के माध्यम से हर घर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

Posted By: Kadir Khan

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