रायपुर। Gurunanak Dev Prakash Parv: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रदेश का सबसे भव्य गुरुनानक देव प्रकाश पर्व का आयोजन पंडरी के खालसा स्कूल परिसर में सालों से होता आया है। इस परिसर में हर साल राज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत अनेक मंत्री, जनप्रतिनिधि अतिथि के रूप में शामिल होते थे। अतिथियों को सरोपा, कृपाण भेंटकर स्वागत किया जाता थ। इस साल सिख समाज ने कोरोना महामारी के कारण प्रकाशोत्सव आयोजन की जगह में बदलाव कर दिया है। अब आयोजन खालसा स्कूल मैदान की जगह छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने स्टेशन रोड स्थित गुरुद्वारा हाल में किया जाएगा। हर साल ज्यादा से ज्यादा लोगों के शामिल होने की अपील की जाती थी, लेकिन इस साल समाजजनों से कहा गया है कि वे अपने इलाकों के गुरुद्वारों में एक ही समय पर आयोजन करें ताकि स्टेशन रोड गुरुद्वारा में ज्यादा भीड़ एकत्रित ना हो। यहां भी हाल की क्षमता से आधे लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा।

आजादी से 15 साल पहले रखी थी गुरुद्वारे की नींव

रेलवे स्टेशन के सामने से स्थित गुरुद्वारे की नींव आज़ादी से 15 साल पहले 1932 में रखी गई थी। मात्र एक झोपड़ी से शुरू हुए गुरुद्वारे में समय के साथ परिवर्तन होता गया और वर्तमान में भव्य गुरुद्वारा बन चुका है।

वन मंडलाधिकारी का योगदान

गुरुद्वारा श्रीगुरुसिंघ सभा स्टेशन रोड के हेड ग्रंथी अमरीक सिंह बताते हैं कि 1932 में तत्कालीन वन मंडलाधिकारी सरदार विक्रम सिंह ने स्टेशन के करीब जमीन खरीदकर सिख धर्म के पवित्र श्रीगुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश करके श्रीगुरुद्वारा साहेब की नींव रखी। 10 साल तक टीन के शेड और कच्चे कमरे में ही पाठ किया जाता और बाहर से आने वाले रात गुजारते थे। 1943 में निर्माण शुरू हुआ और पक्का कमरा बनाया गया। इसके पश्चात सरदार गुरुबचन सिंह विरदी अध्यक्ष बने और लंगर की व्यवस्था शुरू हुई। 1958 में सरदार दीदर सिंह के नेतृत्व में पक्का भवन बना।

इसके बाद 1993 में सरदार दिलीप सिंह होरा ने गुरुद्वारा अध्यक्ष का कार्यभार संभाला और 26 साल तक लगातार अध्यक्ष पद पर कार्य किया। वर्तमान में निरंजन सिंह खनूजा गुरुद्वारा के प्रधान हैं और नई कार्यकारिणी के साथ मिलकर सेवाभावी कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।

13 साल पहले बना भव्य भवन

28 सितंबर 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह एवं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार अवतार सिंह मक्कड़ की अध्यक्षता एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के विशेष आतिथ्य में गुरुद्वारे के पांच मंजिला भवन का लोकार्पण किया गया। पांच मंजिला भवन के तलघर में विशाल पार्किंग है। साथ ही बुजुर्गों के लिए दो लिफ्ट

की व्यवस्था है। द्वितीय तल में माता खीवी लंगर हॉल में 1500 श्रद्धालुओं के एक साथ भोजन की व्यवस्था है।

Posted By: Himanshu Sharma

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