रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राष्ट्र उत्त्थान एवं देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने के अभियान में जुटे गोवर्धन मठ पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज का 80वां प्राकट्य महोत्सव 26 जून को मनाया जाएगा। इन दिनों शंकराचार्य महाराज छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए हुए हैं।

प्राकट्य महोत्सव का मुख्य समारोह शंकराचार्य महाराज की मौजूदगी में भाटापारा स्थित गुरुकुल परिसर में प्रारंभ होगा। इसके बाद महाराजश्री आशीवर्चन देंगे। राजधानी के रावांभाठा स्थित सुदर्शन संस्थानम में भी पादुका पूजन कर श्रद्धालु प्राकट्य महोत्सव पर उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेंगे।

धर्मसंघ पीठपरिषद, आदित्य वाहिनी आनन्द वाहिनी संगठन के नेतृत्व में आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी तिथि पर रविवार को भाटापारा में विविध धार्मिक आयोजन होंगे। इसका सीधा प्रसारण आस्था भजन चैनल पर किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिले में रुद्राभिषेक ,सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ, वृक्षारोपण, ध्वजारोहण, सहस्त्रार्चन , सत्संग संगोष्ठी, विभिन्न सेवा प्रकल्पों का आयोजन किया जा रहा है।

इसके अलावा गोवर्धन मठ पुरी ओड़िसा एवं शंकराचार्य द्वारा स्थापित होशियारपुर पंजाब में श्री विम्लाम्बा शक्ति संस्थान तथा वाराणसी में दक्षिणामूर्ति मठ, श्रीहरिहर आश्रम वृंदावन , प्रयागराज में दिव्य शिव गंगा आश्रम, मधुबनी बिहार में मनसा देवी प्रांगण हरिपुर बख्शी टोल में भी महोत्सव मनाया जाएगा।

छत्तीसगढ़ सीमा में किया जैन संतों ने प्रवेश

चातुर्मासिक प्रवचन के लिए जैन संतों ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश किया। जैन समाज के लोगों ने संतों का स्वागत किया। संत ललितप्रभ सागर और डा. मुनि शांतिप्रिय सागर महाराज के स्वागत में चिचोला से शोभायात्रा निकाली गई। संतों ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों की सेवा और भक्ति पूरे देश में लोकप्रिय है। इसी के चलते हम राजस्थान के जोधपुर से 1500 किलोमीटर की पदयात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ आए हैं।

प्रवचन में संतों ने जीवन जीने के पांच मंत्र बताए। पहला मंत्र नजरिया बदले, दुनिया बदल जाएगी। अच्छी दुनिया को देखने के लिए नारों को नहीं, नजिरये को बदलिए। अच्छे लोगों की तलाश करने के बजाय खुद अच्छे बन जाएं।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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