रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो। छत्तीसगढ़ में पानी का भाव बढ़ गया है। सरकार ने पानी के औद्योगिक उपयोग के दर में करीब चार वर्ष बाद बदलाव किया है। इसका सबसे ज्यादा असर पानी का कच्चे माल के रूप में उपयोग करने वाले उद्योगों यानी कोल्डड्रिंक, मिनरल वॉटर और शराब उत्पादों पर पड़ेगा। अब तक इन उद्योगों में भूजल का उपयोग आधे पैसे (0.44 पैसे) से भी कम दर पर किया जा रहा था। सरकार ने अब इसे बढ़ाकर साढ़े 37 पैसा कर दिया है। सरकार ने यह कदम औद्योगिक संस्थानों में जल के अनावश्यक दोहन, दुरुपयोग और अपव्यय की रोकथाम के लिए उठाया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। नई दरें 16 जनवरी से लागू कर दी गई हैं।

जल संसाधन विभाग के अफसरों ने बताया कि करीब चार वर्ष बाद में राज्य में जल दरों में बदलाव किया गया है। इससे पहले 2016 में जल दरों में परिवर्तन किया गया था। नई दर से राज्य के राजस्व में करीब 20 से 25 फीसद की बढ़ोतरी का अनुमान है। अभी राज्य को सालाना सात सौ करोड़ स्र्पये का राजस्व मिलता है। अफसरों ने कहा कि नई जल-दरों से उद्योगों पर विशेष आर्थिक भार नहीं पड़ेगा, अपितु जल के अनावश्यक दोहन, दुरुपयोग, अपव्यय की रोकथाम में मदद मिलेगी और राज्य के राजस्व की भी वृद्धि होगी।

सतही जल दर में कोई विशेष बदलाव नहीं

अफसरों ने बताया कि जिन उद्यागों में भू-जल का उपयोग कच्चे माल के रूप में नहीं होता है, उन उद्योगों के लिए नैसर्गिक जल स्रोत की जल दर से तीन गुना अधिक (15 स्र्पये प्रति घनमीटर) की गई है। वहीं, कोल्डड्रिंक, मिनरल वॉटर, शराब आदि के लिए भू-जल का कच्चे माल के रूप में उपयोग कर रहे उद्योगों के लिए जल-दर लगभग 25 गुना अकि (375 स्र्पये प्रति घनमीटर) निर्धारित की गई है। वहीं सतही जल उपयोग करने वाले उद्योगों के लिए जल-दरों को लगभग यथावत रखा गया है।

बिजली संयंत्र के लिए भी बदली दर

ताप विद्युत संयंत्र के लिए पानी की दर में भी बदलाव किया गया है। शासकीय बांध, जलाशय, एनीकट की पानी की दर को 10.50 प्रति घनमीटर पूर्ववत रखा गया है। संस्थानों की अग्रिम जल कर की राशि से निर्मित जल संग्रहण संरचना की दर 5.50 से बढ़कार 10.50 प्रति घनमीटर कर दिया गया है। नहर प्रणाली से 12.25 प्रति घनमीटर ही रखा गया है, लेकिन नैसर्गिक स्रोत की दर पहले 3.51 प्रति घनमीटर थी। अब इसे दो श्रेणियों में कर दिया गया है। इसके तहत नदी-नालों आदि के बहाव से पानी लेने पर पांच स्र्पये और भूजल का दोहन करने पर 15 स्र्पये प्रति घनमीटर की दर से भुगतान करना होगा।

आधे पैसे से कम में खरीद कर बेचते हैं चार सौ स्र्पये तक

अफसरों ने बताया कि 375 स्र्पये प्रति घनमीटर यानी एक हजार लीटर पानी मिलेगा। ऐसे में प्रति लीटर की दर साढ़े 37 पैसा होगी। अब तक यह पानी आधे पैसे से भी कम दर पर मिल रहा था। वहीं मिनरल वॉटर, कोल्डड्रिंक्स, बीयर और शराब की प्रति लीटर विक्रय मूल्य क्रमश 15, 50, 230 और 400 स्र्पये से भी अधिक है।

24 विकासखंडों में भूजल की स्थिति क्रिटिकल

राज्य के 12 जिलों के कुल 24 विकासखंड क्रिटिकल, सेमी क्रिटिकल क्षेत्र में आते हैं। एनजीटी ने क्रिटिकल, सेमी क्रिटिकल क्षेत्र और ब्लॉक में औद्योगिक प्रयोजन के लिए भू-जल दोहन की स्वीकृति नहीं देने के निर्देश दिए हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay