रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

राजधानी की सुंदरता में चार चांद लगाने और शहरवासियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए चल रहे प्रोजेक्ट शासन की उदासीनता की भेंट चढ़ रहे हैं। पिछली सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट छोटी लाइन पर बने हाइवे के फ्लाई ओवर की हकीकत उद्घाटन से पहले ही सामने आ गई। शहर के बीचोबीच बन रहे स्काई वॉक पर वर्तमान सरकार ने रोक लगा दी है। ठीक इसी तरह तेलघानी नाका ओवर ब्रिज, खबतराई ओवर ब्रिज, वाल्टियर लाइन अंडर ब्रिज का काम भी निर्धारित समय पर पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का दावा है कि ओवर ब्रिज का काम निर्धारित समय पर पूरा कर लिया जाएगा।

ज्ञात हो कि शहर में ट्रैफिक की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए ओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने बिना भूमि अधिग्रहण किए ठेका कंपनियों को टेंडर जारी कर दिया है। ठेका कंपनियों ने काम शुरू कर दिया, लेकिन अब अधिकारियों को भूअर्जन की याद आई है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी ने बताया कि तेलघानी नाका में बन रहे ओवर ब्रिज की जद में करीब पांच लोगों की जमीन आ रही है। यहां शासन ने 30 हजार रुपये प्रतिवर्ग मीटर जमीन का रेट निर्धारित किया है। इनमें से सिर्फ दो लोग अपनी जमीन देने के लिए तैयार हुए हैं। तीन लोग तैयार ही नहीं हुए थे, इसी बीच राज्य सरकार ने जमीन का रेट कम कर दिया। इससे वहां जमीन के रेट में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है। 30 हजार वर्ग मीटर जमीन का रेट अब 21 हजार वर्ग मीटर के बराबर हो गया है। जमीन का रेट कम होने से अधिकारियों की मुसीबत बढ़ गई है।

- स्काई वॉक पर लगी रोक

स्काई वॉक का काम 60 फीसद हो चुका है। 200 मीटर की रेंज में डोम के लिए पैनल बनाया जा चुका है। 38 करोड़ रुपये का भुगतान कंपनी को हुआ। नौ करोड़ रुपये रॉ मटेरियल बनाने के लिए खर्च किया गया है। 2018 जून में निर्माण का लक्ष्य था। एक साल पिछड़ने के बाद मार्च 2019 में इस पर रोक लग गई।

- शुरू होने से पहले बैठ गई जांच

छोटी लाइन पर 292 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर रेलवे स्टेशन से माना एक्सप्रेस-वे तक बनकर तैयार है। इसमें आठ जगहों पर पुल-बायपास मार्ग बनाए गए हैं। विभाग द्वारा जल्द ही इसका उद्घाटन किया जाना था, लेकिन पहली ही बारिश में इसमें खामियां आ गईं। एक्सप्रेस-वे शुरू होने से पहले ही जांच बैठ गई।

- भूअर्जन के चलते धीमी गति से चल रहा काम

- खमतराई ओवर ब्रिज के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। यह काम 36 करोड़ की लागत से कराया जा रहा है। 7 सितंबर 2018 को वर्क ऑर्डर जारी किया गया। इसे अप्रैल 2020 में पूरा करना है। इसमें पांच लोगों की जमीन का अधिग्रहण करना था। विभाग ने चार लोगों की जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। एक का बाकी है इसलिए काम कुछ दिनों से धीमी गति से चल रहा है।

- अधिग्रहण नहीं हुआ, काम बंद

- तेलघानी नाका ओवर ब्रिज बनाने के लिए 12 सितंबर 2018 को वर्क ऑर्डर जारी हुआ। कंपनी को 11 अप्रैल 2020 तक काम पूरा करना है। इसके लिए शासन को पांच लोगों की जमीन का अधिग्रहण करना था, जिनमें से तीन लोग अपनी जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं। 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर रेट निर्धारित था, लेकिन सरकार ने जमीन का रेट कम किया तो वहां का रेट कम हो गया है। वहां भूअर्जन में प्रशासन को काफी दिक्कत होगी। भूअर्जन न होने से काम बंद हो गया है।

- वाल्टियर लाइन पर अंडर ब्रिज का काम अटका

वाल्टियर लाइन पर अंडर ब्रिज न होने से अक्सर जाम की स्थिति बनती है इसलिए लोक निर्माण विभाग ने 29 करोड़ की लागत से फाफाडीह में अंडर ब्रिज बनाने के लिए 9 अगस्त 2017 को वर्क ऑर्डर जारी किया। ठेका एजेंसी को 8 सितंबर 2018 तक अंडर ब्रिज का काम पूरा करना है। एजेंसी ने काम तो शुरू किया, लेकिन 10 फीसद काम करके बंद कर दिया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।

वर्जन

तेलघानी नाका और खमतराई ओवर में जमीन का अधिग्रहण करना है। विभाग इस काम को जल्द पूरा करेगा। वाल्टियर लाइन अंडर ब्रिज का ठेका लेने वाली कंपनी को नोटिस दिया गया है। यदि कंपनी काम नहीं करेगी तो कार्रवाई की जाएगी।- एसवी पडेगांवकर, कार्यपालन अभियंता, छत्तीसगढ़