रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

व्यवसायिक सहकारी बैंक के यूजर, पासवर्ड को हैक कर यश बैंक के खाते में जमा 2.47 करोड़ रुपये चंद मिनटों में चार राज्यों के 26 बैंक खातों में ट्रांसफर करने वाले शातिर हैकर्स ने पुलिस व बैंक को एक साथ चकमा देने की कोशिश की। साइबर यूनिट की तफ्तीश में यह साफ हुआ है कि हैकर्स ने बैंक के सर्वर सिस्टम में न केवल प्राक्सी आइपी के जरिए सेंध लगाई, बल्कि सीधे साइबर अटैक करने से पकड़े जाने की आशंका को ध्यान में रखकर चाइना से अमेरिका, फिर भारत के नेटवर्किंग सर्वर में घुसकर बैंक के पूरे सिस्टम को ध्वस्त किया।

पुलिस अफसरों का कहना है कि प्राक्सी आइपी को डिकोड करना काफी कठिन काम है, इसलिए हैकर्स ने पुलिस को उलझाने के लिए इसका इस्तेमाल विदेशी सर्वर के जरिए किया। दावा किया जा रहा है कि हैकर्स हिंदुस्तानी हैं। दिल्ली, मुंबई में बैठकर उसने पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया है। सुराग मिलते ही हैकर्स को दबोचने शुक्रवार को पुलिस की टीमें संभावित स्थानों पर पहुंच चुकी हैं। खबर है कि कुछ को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि व्यवसायिक सहकारी बैंक के यश बैंक के दोनों खातों के यूजर, पासवर्ड लीक होने का शक है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने या तो बैंक के सिस्टम पर सेंध लगाई या फिर सॉफ्टवेयर हैक करने के साथ बैंक से लीक हुए पासवर्ड, यूजर के जरिए खाते से पैसे उड़ाए। दरअसल 26 बैंक खातों में पैसे इतनी जल्दी ट्रांसफर किए गए थे कि बैंक प्रबंधन को जब तक इसकी भनक लगती, हैकर्स अपना काम पूरा कर चुका था। उससे सिर्फ चूक यह हुई कि उसने 26 खातों में जमा 2.47 करोड़ रुपये को टुकड़ों में (पांच, दस, बीस हजार आदि रकम) करीब 80 नए बैंक खातों में ट्रांसफर करना शुरू किया तब पुलिस की साइबर यूनिट और बैंक प्रबंधन ने आनन-फानन में उन खातों को होल्ड कराकर दो करोड़ 22 लाख रुपये आहरण होने से बचा लिया।

सात से 10 हैकर्स का काम

रायपुर पुलिस ने हैकर्स के प्राक्सी आईपी एड्रेस को डिकोड करने के लिए निजी साइबर एक्सपर्ट की मदद लेना शुरू किया है। पुलिस का दावा है कि एक-दो दिन में आईपी एड्रेस को लोकेट कर हैकर्स का पता लगा लिया जाएगा। हैकर्स की संख्या सात से दस है और वे मुस्लिम वर्ग से है। पुलिस को शक है कि जिन 26 खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए वह किराए के खाते होगे। लिहाजा उन खाताधारकों की पूरी डिटेल संबंधित बैंकों से हासिल कर उनसे भी पूछताछ की जा रही है।

पैसा निकालने से चूक गए हैकर्स

हैकर्स गिरोह ने बैंक के खाते में सेंध लगाने के लिए दिवाली व भाईदूज का दिन चुना था। हैकर्स को पता था कि बुधवार और गुरुवार छुट्टी रहेगी। खातों में रकम ट्रांसफर होने के बाद जब शुक्रवार को बैंक खुलेगा और हैकिंग का पता चलेगा, तब तक 26 खातों से एटीएम के जरिए पूरी रकम वे निकाल चुके होगे, लेकिन यह बैंक की खुशकिस्मती थी कि हाली डे के बाद भी बैंक के बचे हुए काम को कर्मचारी निपटा रहे थे और उसी वक्त खाते से ढाई करोड़ की बड़ी रकम दूसरे खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर होने का पता चलते ही हड़कंप मच गया।

क्या है प्राक्सी आइपी

प्रॉक्सी आइपी एक सर्वर होता है, जिसकी सहायता से आप अपने नेटवर्क से बाहर निकलकर, उसी सर्वर से फिर कनेक्ट होते हैं। आप प्रॉक्सी से जुड़कर अपने ट्रैफिक को उससे होकर गुजरने देते हैं ताकि आपकी आईपी को मास्क किया जा सके और ट्रैफिक प्रॉक्सी सर्वर से आता हुआ दिखाई पड़े। इसे डिकोड करना काफी कठिन होता है।