रायपुर, राज्य ब्यूरो। Strike: जनसंपर्क अधिकारियों के आंदोलन को मध्यप्रदेश जनसंपर्क अधिकारी संघ ने समर्थन दिया है। छत्तीसगढ़ में जनसंपर्क विभाग में संचालक पद और छत्तीसगढ़ संवाद में प्रतिनियुक्ति के पदों पर राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ अधिकारियों की पदस्थापनाओं के संबंध में राज्य शासन से की गई मांगों को उचित बताया है। इससे पहले छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ ने भी जनसंपर्क अधिकारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कालीपट्टी के साथ काम करते हुए 12 अक्टूबर को प्रदर्शन किया।

बताते चलें कि जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर थे और राज्य के 21 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है, जब जनसपंर्क विभाग के अधिकारियों ने हड़ताल की। वे राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) के कनिष्ठ अधिकारी की जनसंपर्क संचालक बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं।

संगठन ने छह अक्टूबर को शासन को ज्ञापन सौंपकर जनसंपर्क विभाग तथा छत्तीसगढ़ संवाद में नियम विरुद्ध की जा रही पदस्थापनाओं को लेकर विरोध दर्ज कराया था। पदस्थापनाओं को रद्द करते हुए नियमानुसार पदस्थापनाएं करने की मांग की थी। संगठन ने ज्ञापन में दी गई चेतावनी के अनुरूप 11 अक्टूबर को कालीपट्टी लगाकर काम किया।

इसके बाद 12 अक्टूबर को पूरे राज्य में कलमबंद आंदोलन करते हुए एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल किया। 13 अक्टूबर से सभी जनसंपर्क अधिकारियों ने कालीपट्टी लगाकर काम शुरू किया है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की जाती है, तो आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। संघ के पदाधिकारियों ने मध्यप्रदेश जनसंपर्क अधिकारी संघ के अध्यक्ष अरुण राठौर एवं उपाध्यक्ष पंकज मित्तल तथा वहां के सभी जनसंपर्क अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

Posted By: Shashank.bajpai

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