रायपुर। Congress Training : छत्तीसगढ़ के कांग्रेस संगठन ने गांधी धाम वर्धा में रघुपति राघव, राजा राम का पाठ पढ़ा। चार दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में पदाधिकारियों ने स्वच्छता, गोसेवा, गांधी के विचार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सीख ली। समापन सत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से उठाए कदम की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक स्वयंसेवक की तरह खुद खाने की प्लेट तैयार की। प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम, प्रभारी सचिव चंदन यादव के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाया और आश्रम की परंपरा के अनुसार, अपनी थाली भी धोई।

गांधी के विचार का आत्मसात करते हुए पदाधिकारियों ने चरखा चलाया, गोशाला की सफाई भी की। अंत में गांधी के विचारों से प्रेरित पुस्तक भी भेंट की गई। आश्रम में बनी सूत की माला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। सीएम बघेल ने आश्रम की पुस्तिका में अपना संदेश भी दर्ज कराया। साथ ही बघेल ने उस पौधे में पानी डाला, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने वर्ष 1986 में अपने प्रवास के दौरान लगाया था।

मुख्यमंत्री ने बापू की कुटिया में रघुपति राघव राजा राम और वैष्णव जन ते तेरे कहिए भजन भी सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि आश्रम में गांधी का प्रिटंर्स, वायसराय की दी हुई हाट लाइन और एकमात्र उनके हस्ताक्षर वाली मूर्ति है। 1936 से 1946 तक गांधी यहीं रहें। वहां उनके साथ तमाम दूसरे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पदाधिकारियों को वो जगह देखने को मिली, जहां वो दूसरे नेताओं के साथ रणनीति बनाते थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने बताया कि प्रशिक्षण में पदाधिकारियों को गांधी के राजनीतिक जीवन से लेकर उनके आंदोलन, स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका और वर्तमान राजनीति में गांधी के विचार के महत्व की जानकारी दी गई। आश्रम में खादी ग्रामोद्योग भंडार संचालित हो रहा है। वहां से पदाधिकारियों ने गांधी के विचारों की पुस्तक भी खरीदी।

गांधी के रामराज की तरफ बढ़ रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि महात्मा गांधी जिस गांव की कल्पना करते थे, उसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार बढ़ रही है। प्रदेश में राम वनगमन पथ का भी मुख्यमंत्री ने जिक्र किया और कहा कि प्रदेश गांधी के रामराज की तरफ बढ़ रहा है। उन्होने गोठान और गोबर खरीदी से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यस्था की भी जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी धाम आश्रम में वो काम काफी पहले से हो रहा है, जो छततीसगढ़ में गोठानों में अभी शुरू हुआ है।

छत्तीसगढ़ में भी होना चाहिए गांधी भवन

मुख्यमंत्री कहा कि छत्तीसगढ़ में भी एक गांधी भवन होना चाहिए। यहां के लोग गांधी से जुड़े हैं। गांधी दर्शन से लोगों को जुड़ाव होना चाहिए। गांधी की विचारधारा गांव-गांव में रहनी चाहिए। महाराष्ट्र के संगमनेर में किसान सम्मेलन को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि वहां के किसान इस बात को लेकर खुश थे कि छत्तीसगढ़ में गन्ने और धान की इतनी कीमत मिल रही है।

Posted By: Kadir Khan

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close