Income Tax Raid in Chhattisgarh रायपुर। सेंट्रल आयकर विभाग की टीम ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नेता, अफसर और कारोबारियों की सौ से अधिक ठिकानों पर एकसाथ छापामार कार्रवाई की है। फिल्मी स्टाइल में आज सुबह से ही छापामार कार्रवाई जारी है। वाहनों में बौद्धिक महासभा, शैक्षणिक भ्रमण जैसे स्टीकर लगाकर कोड वर्ड से अफसरों को एक साथ निकाला गया। गोपनीयता ऐसी बरती गई कि अफसरों को ही नहीं मालूम था कि उन्हें कहां जाना है। सौ से अधिक स्थानों पर की गई छापेमारी में प्रमुख रूप से रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, पूर्व मुख्य सचिव व रेरा के चेयरमैन विवेक ढांढ, होटल कारोबारी गुरूचरण सिंह होरा, शराब कारोबारी पप्पू भाटिया, अमोलक सिंह भाटिया, सीए कमलेश जैन, संजय संचेती , आईएएस अफसर अनिल टुटेजा की पत्नी व ब्यूटी पार्लर संचालिका मीनाक्षी टुटेजा, भिलाई सेक्टर-9 निवासी व आबकारी विभाग के ओएसडी अरूण्ापति त्रिपाठी के ठिकानों पर दबिश दी गई है।

करीब 500 से अधिक कर्मचारी अधिकारी 100 से अधिक वाहनों में सवार होकर एक साथ दबिश देने निकले हैं। दो सौ से अधिक सीआरपीएफ के जवानों को छापेमारी में शामिल किया गया है। छापामारी की कार्यवाही की खबर तेजी से फैलने से टैक्स चोरी करने वालों में हड़कंप मच गया है।

इन दिनों आयकर विभाग की टीम उन प्रतिष्ठानों को निशाने पर रखा हुआ है, जिनके द्वारा आयकर जमा करने में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है। ऐसे ढाई सौ से अधिक लोगों को आयकर विभाग ने चिन्हांकित कर रखा है। उद्योगपति, राजनेता, अफसरों और कारोबारियों के ठिकाने पर दबिश दी जा रही है।

कई रसूखदारों के ठिकानों पर दबिश दी गई है। वित्तीय अनियमितता की जांच की जा रही है। प्रभावशाली लोगों के घर छापा मारने के लिए आयकर अफसरों ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की मदद ली है। एक साथ दर्जनों ठिकानों पर आयकर छापा की खबर से हड़कंप मच गया है।

गौरतलब है कि 12 फरवरी को प्रधान आयकर आयुक्त ने चेतावनी दी थी कि जो लोग आय से अधिक संपत्ति संचित कर रखे हैं, अघोषित संपत्ति सरेंडर कर दें। अन्यथा उनके खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। छत्तीसगढ़ के 264 लोगों को लेखा-जोखा में गड़बड़ी करने और आयकर की चोरी करने के लिए चिन्हांकित कर रखा गया है। हाल ही में लक्ष्मी मेडिकल ग्रुप की दुकानों में एक साथ छापामार कार्रवाई हुई थी। तब कुल चार प्रतिष्ठानों में आयकर चोरी पाए जाने पर 7.75 करोड़ स्र्पये सरेंडर किया है।

Posted By: Anandram Sahu