रायपुर(नईदुनिया प्रतिनिधि)। Railway News In Chhattisgarh: कोरोना संकट काल में रायपुर रेलवे स्टेशन से लोकल और कुछ स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद होने से हजारों यात्री रोज परेशान हो रहे हैं। इस परेशानी को ध्यान में रखकर रायपुर रेल मंडल ने रेलवे बोर्ड को लोकल के साथ ही बंद एक्सप्रेस ट्रेनों को फिर से चलाने का प्रस्ताव भेजा है।उम्मीद की जा रही है कि 15 अगस्त के बाद बंद ट्रेनों को चलाने की अनुमति मिल सकती है। दरअसल कोरोना के संक्रमण को ध्यान में रखकर मार्च 2020 में लाकडाउन के बाद से देशभर में ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। करीब चार महीने तक बंद की गई लंबी दूरी की ट्रेनों को अनलाक के बाद गिने-चुने एक्सप्रेस ट्रेनों को स्पेशल बनाकर रेलवे ने चलाना शुरू किया।

फिर कोरोना संक्रमण की स्थिति जैसे-जैसे ठीक होती गई, पटरी पर फिर से अधिकांश ट्रेने दौड़ने लगी।वर्तमान में करीब 90 फीसद ट्रेने रायपुर से चल रही है।अब कोरोना की स्थिति नियंत्रित होते देखकर रेल मंडल ने शेष बचे दस फीसद ट्रेनों को चलाने का प्रस्ताव भेजा है।रेलवे अफसरों का कहना है कि राज्य सरकार की सहमति मिलने के बाद ही रेलवे बोर्ड ही बंद ट्रेनों को चलाने का फैसला ले सकता है।

रायपुर रेल मंडल से मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर स्टेशन में आम दिनों में 50 हजार से एक लाख से अधिक यात्री ट्रेनों में सफर करने पहुंचते है।कोरोना के चलते यात्रियों की संख्या घटकर करीब चालीस फीसद रह गई थी लेकिन त्यौहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखकर रेलवे अब बंद एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने की तैयारी कर रहा है।

कोरोना संक्रमण और लाकडाउन के बाद अनलाक होने पर तीन से चार महीने से बंद की गई लंबी दूरी की तीस से अधिक ट्रेनों को स्पेशल बनाकर चलाया जा रहा है।रायपुर रेलवे स्टेशन से वर्तमान में लोकल, एक्सप्रेस समेत कुल 84 स्पेशल ट्रेनें चल रही हैं,जबकि कोरोना से पहले तक 120 से अधिक ट्रेने चल रही थी। इनमेंं साप्ताहिक चलने वाली ट्रेन के साथ पैसेंजर, एक्सप्रेस और मेमू ट्रेन भी शामिल हैं। यह गाड़ियां रायपुर के अलावा, भिलाई, बिलासपुर के स्टेशनों से होते हुए महाराष्ट्र और ओडिशा तक जाती है।इन ट्रेनों में कंफर्म टिकट वाले यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति है। ऐसे में टिकट कंफर्म न होने पर यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।

दस से बारह ट्रेन और दौड़ेंगी

अगले महीने से त्यौहारी सीजन शुरू होने है। यात्रियों की सुविधा और मांग को देखते हुए रेल मंडल ने बंद की गई अत्योंदय एक्सप्रेस, शालीमार-कुर्ला, टाटा-एलटीटी, हसदेव, जयपुर-दुर्ग, जगदलपुर-दुर्ग, पूरी-दुर्ग, विशाखापट्टन-दुर्ग समेत कुछ पैसेंजर ट्रेने को चलाने का प्रस्ताव रेल मंडल को भेजा है।

जेब पर भारी पड़ा बोझ

कोरोना काल से पहले रायपुर से भिलाई-दुर्ग के लिए आम जनता को दस रुपये खर्च करने पड़ते थे, लेकिन अभी स्पेशल ट्रेनों में 175 रुपये देने पड़ रहे हैं। यह इसलिए हो रहा है, क्योंकि रायपुर से दुर्ग के लिए एक-दो लोकल ट्रेन ही चल रही है। दुर्ग से चलने वाली कुछ लंबी दूरी की रेलगाड़ियों को भी रेलवे ने बंद करा दिया है।स्पेशल ट्रेन में किराया अधिक होने के कारण कम पैसे में रोजाना लोकल ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है।

रायपुर रेल मंडल के वरिष्ठ प्रचार निरीक्षक शिव प्रसाद पंवार ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल के तौर पर कई ट्रेने चल रही है।यात्रियों की मांग पर लगातार इनकी संख्या में बढ़ रही है। एकस्ट्रा कोच भी लगा रहे है।आने वाले समय में राज्य सरकार से अनुमति मिलने पर बंद हुई दस से बारह एक्सप्रेस ट्रेनों को चलाने का फैसला रेलवे बोर्ड ले सकता है।

Posted By: Kadir Khan

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