रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी में देर रात गोली चलने और घायल के अपहरण की जानकारी से सनसनी फैल गई। घटना राजेंद्र नगर स्थित बसंत विहार कालोनी की है। वहां सड़क पर रक्त फैला हुआ था। कुछ लोगों ने कार सवार लोगों को कार की पिछली सीट पर बिठाते भी देखा। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। शहर भर में नाकेबंदी की गई।

इसी बीच मरीन ड्राइव के पास लावारिस स्थिति में कार पाई गई। थोड़ी देर के बाद यह स्पष्ट हुआ कि घायल आंबेडकर अस्पताल में है। अधिकारी भागकर अस्पताल पहुंचे। प्रारंभिक पूछताछ में ये स्पष्ट हुआ कि घायल युवक के पास कट्टा था। उसके द्वारा चलाई गई गोली से ही वो घायल हुआ है। पुलिस ने उसके दो साथियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।

बसंत विहार में रात लगभग साढ़े नौ बजे गोली चली। थोड़ी देर में एसएसपी प्रशांत अग्रवाल सहित अन्य उच्चाधिकारी वहां पहुंच गए। कुछ लोगों ने कार का अपूर्ण नंबर सीजी-07 बताया। उसके आधार पर शहर में नाकेबंदी कर कार को ढूंढा जाने लगा। इसी बीच मरीन ड्राइव में कार मिली। कार में चालक के पास का शीशा टूटा हुआ था। चालक सीट के नीचे एक जूता मिला। साथ ही एक कटी हुई ऊंगली भी वहां मिली।

पुलिस जांच कर ही रही थी कि घायल के अस्पताल में होने की सूचना मिली। अस्पताल में घायल के साथ पंकज तांड़ेकर और बृजेश बैरागी नामक उसके दो साथी थे। पुलिस से पूछताछ में इन्होंने बताया कि घायल भूपेंद्र ठाकुर के साथ तीनों ने शराब पी। कार से आ रहे थे तभी एक व्यक्ति इनकी गाड़ी से टकरा गया।

पुलिस का कहना है कि पंकज और बृजेश घायल को अस्पताल ले जाने के लिए कह रहे थे तभी भूपेंद्र ने कट्टा निकाल लिया। इसी बीच उसके हाथ से कट्टा दब गया और गोली उसके ऊंगली को उड़ाती हुई कार के शीशे को तोड़कर बाहर निकल गई। घटनास्थल पर इन्होंने घायल भूपेंद्र को चालक सीट से उतारकर पीछे की सीट पर लेकर गए थे। इसी बात को लेकर गोली मारने के बाद अपहरण का हल्ला मच गया था। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।

पुराना बदमाश है घायल भूपेंद्र

पुलिस के अनुसार, घायल भूपेंद्र पुराना बदमाश है। कुछ वर्ष पूर्व आरंग में उसने सरपंच को जान से मारने का प्रयत्न किया था। इस प्रकरण में वह जेल भी काट चुका है। आज के घटनाक्रम में समाचार लिखे जाने तक कट्टे की जब्ती नहीं हो पाई है।

Posted By: Pramod Sahu

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