रायपुर (सतीश पांडेय)। रायपुर में पहली बार भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंंटरनेशनल क्रिकेट मैच को देखने के लिए खेलप्रेमियों में जबरदस्त उत्साह दिखा। हालांकि मैच के टिकट नहीं मिलने से लोग परेशान रहे। आनलाइन टिकट काफी कम संख्या में लोग ही खरीद पाए, जिन्हें नहीं मिला, वे मैच शुरू होने के पहले तक एक-दूसरे से यही पूछते रहे कि टिकट है क्या? कितने में दोंगे? इसका फायदा कालाबाजारियों ने उठाया। शहरभर के अलावा छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के मैदान के बाहर पांच सौ से एक हजार वाले टिकट 45 सौ से सात हजार रुपये तक बिके। शिकायत मिलने पर पुलिस ने दो दिन में नौ लोगों को गिरफ्तार कर 66 टिकट बरामद किए। इस धरपकड़ की आड़ में कुछ वर्दीवालों ने भी मोटी रकम उगाही। बिना कार्रवाई के छोड़ने के एवज में प्रत्येक से 25 से 50 हजार रुपये तक वसूले। मैच खत्म होने के बाद सभी में हिस्सा भी बंटा।

सैलून का जलवा

शनिवार को रायपुर की धरती पर खेले गए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच देखने की दीवानगी आम से लेकर खास लोगों तक में दिखी। इस दीवानगी में भला रेलवे के बड़े अधिकारी क्यों पीछे रहते? बाकायदा सैलून से सफर कर परिवार संग क्रिकेट मैच देखने पहुंचे साहब का आदर, सत्कार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। रेलवे स्टेशन से लेकर क्रिकेट स्टेडियम तक रेल मंडल का पूरा अमला मौजूद था। मैच खत्म होने के आधे घंटे बाद सभी साहब को छोड़ने स्टेशन पहुंचे। फिर यहां से सैलून में सपरिवार बैठकर साहब बिलासपुर लौट गए। इस दौरान इस बात की चर्चा होती रही कि रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने साफ तौर पर सैलून का दुरुपयोग न करने के निर्देश दे रखे हंै, बावजूद इसके निरीक्षण के बहाने सैलून से साहब का अक्सर आना-जाने बना हुआ है। आखिर इसके पीछे माजरा क्या है, यह समझ से परे है। मामले की चर्चा गरम है।

राज्य में बनने लगा चुनावी माहौल

राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव होंगे। लिहाजा सभी दलों ने अपनी-अपनी जमीनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी दल जनाधार बढ़ाने में तेजी से लगे हैं। सत्ता कायम रखने की चुनौती के बीच कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा के तीखे तेवरों की चर्चा हर जगह पर होने लगी है। सत्ता-संगठन के बीच तालमेल बैठाने के लिए अब वे प्रदेश के दौरे पर निकलने की तैयारी में हैं। इधर पंद्रह साल तक सत्ता का स्वाद चखने के बाद चार साल से बाहर विपक्ष की छटपटाहट साफ दिख रही है। सरगुजा में दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में इसकी झलक भी सामने आई। पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ को कांग्रेस मुक्त कराने का आह्वान किया। बैठक में पेश राजनीतिक प्रस्ताव में प्रदेश सरकार की नाकामियों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए कार्यकर्ताओं से अलग-अलग अपील की। कांग्रेस के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लेकर राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया।

क्रिकेट मैदान में जुगाड़ की ड्यूटी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में ड्यूटी लगवाने के लिए कई पुलिस वालों को ऊपर से जुगाड़ लगाना पड़ा। दरअसल इससे वर्दीवालों को दो फायदा हुआ। एक तो खिलाड़ियों को नजदीक से देखने, हाथ मिलाने से लेकर उनके साथ सेल्फी लेने का मौका मिला। दूसरा मैच का भी लुत्फ उठाया। कुछ अधिकारियों ने तो एक पंथ दो काज करने का मौका भी नहीं छोड़ा। स्वजन, रिश्तेदारों के हाथों में वीआइपी टिकट थमाकर खुद सुबह स्टेडियम में ड्यूटी के लिए निकल पड़े। मैच शुरू होने से ठीक पहले खाने-पीने का सारा प्रबंध कर पत्नी, बच्चों को सीट पर बैठाकर आसपास ही ड्यूटी करते रहे। चर्चा है कि मैच में ड्यूटी लगवाने में हेडकांस्टेबल, एएसआइ से लेकर निरीक्षक और डीएसपी स्तर के अधिकारियों ने पुलिस मुख्यालय तक जोर लगाया था, जिसमें अधिकांश सफल भी हुए। उनके घर-परिवार वाले खुश्ा हैं कि मैच का आनंद ले लिया। जिन्हें टिकट दिलाया, वे एहसान मान रहे हैं।

Posted By: Vinita Sinha

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