रायपुर (दीपक शुक्ला)। Raipur column gusht point पुलिस के बूटों की खनक कम हो गई क्या? :

बड़े साहब पिछले दिनों बिगड़ती कानून व्यवस्था पर जमकर फटकार लगाई। साफ कहा कि कुर्सी में बैठकर काम नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय मैच की खुमारी भी चल रही थी। बड़े साहब ने यह कह दिया कि क्या अब मुझे फील्ड में उतरना पड़ेगा तो फिर सब को पवेलियन में बैठना पड़ेगा। इसके बाद सब कुर्सी छोड़ दिए। साहब की नाराजगी जायज थी। दरअसल पिछले दिनों राजधानी में चाकूबाजी की घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी। इतना ही नहीं आरोपित को कोर्ट से जेल शिफ्ट किया जा रहा था, जेल परिसर में ही एक आरोपित के भाई को चाकू घोप दिया गया। इसके बाद साहब ने सवाल खड़ा कर दिया कि क्या पुलिस के बूटों में खनक नहीं रही?। इसके जवाब में दूसरे दिन पुलिस की टीम ने अपराधियों के घर में गुड मार्निंग कर दी। डेढ़ सौ से ज्यादा अपराधी एक झटके में दबोच लिए गए। अपराधियों का जुलूस भी निकाल गया।

क्षेत्र में हत्या सीधे लाइन:

राजधानी पुलिस में पदस्थ एसआइ को आला अधिकारियों के निर्देश का पालन ना करना भारी पड़ गया। आला अधिकारियों ने सभी को अलर्ट रहने के लिए कहा था। दरअसल दोहरे हत्या कांड ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। एक सप्ताह भी नहीं बीता था कि दिनदहाड़े हत्या हो गई। तत्काल एसएसपी ने लाइन अटैच का आदेश जारी कर दिया। लेकिन इसमें भी रोचक मामला सामने आ गया। साहब ने एसआइयों की तबादला लिस्ट निकाली। जिसमें चौकी प्रभारी का नाम दूसरे थाने में था। इसके बाद हत्या की घटना को गंभीरता से लेते हुए दूसरा आदेश जारी करना पड़ा। दूसरे आदेश में लाइन अटैच का आदेश आ गया। दरअसल चर्चा शुरू हो गई थी कि हत्या के बाद सजा है या मजा। इधर सब इंस्पेक्टर के पर एक्शन लेने वाले अफसरों का तर्क है, पुलिसकर्मी चौबीस घंटे ड्यूटी पर रहता है। उसके लिए कोई दायरा नहीं होता। मेरी क्या गलती बोलकर चौकी प्रभारी अपने चहेतों से दुख रोते घूम रहा है।

भगवान के घर में देर है अंधेर नहीं :

पांच गलियों के थानाक्षेत्र में लंबे समय तक थानेदारी करके आउटर में पहुंचे एक निरीक्षक इन दिनों एक ही राग आलाप रहे हैं। निरीक्षक का कहना है, कि भगवान के घर में देर है, लेकिन अंधेर नहीं। वो सब की सुनता है। हुआ यूं कि जब निरीक्षक साहब दूसरे जिले से आए थे, उन्हें जिले के सबसे छोटे थाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बेगारी कुछ ज्यादा ही थी। साहब पहले तो नहीं माने, लेकिन फिर थानेदारी करने के लिए राजी हो गए। साहब ने अपने काम से वरिष्ठ अधिकारियों को खुश किया और उनकी शब्बाशी ली। यहां तक की आइजी ने सबके सामने उनकी तारीफ की और ईनाम भी दिया। साहब की कार्यप्रणाली से खुश होकर वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें आउटर में पदस्थ किया है। पोस्टिंग आदेश निकलने के बाद साहब के पैर जमी पर नहीं थम रहे हैं। उनका कहना है थाना कोई भी काम बोलता है। सब की कृपा रही तो वहां भी बेहतर काम कर दिखाएंगे।

बच्चे ने जीता दिन, साहब ने लगाई फटकार :

- नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 21 जनवरी को पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला गया। स्टेडियम पूरा खेल प्रेमियों से भरा हुआ था। न्यूजीलैंड की टीम सस्ते में सिमट गई थी। दर्शक केवल भारतीय टीम के बल्लेबाज और अपने पसंदीदा खिलाड़ी को देखने पहुंचे थे। एक झलक के बाद दिल गार्डन-गार्डन हो गया। मैच के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि सब चौंक गए। 12 साल का बच्चा पूरी सुरक्षा को भेद कर सीधे पिच तक पहुंच गया। और रोहित शर्मा को गले से लगा लिया। हालांकि बच्चे की दिवानगी को फोटो और रोहित ने जो रिएक्शन दिखाया उसने सब का दिल जीत लिया। इधर वहां सुरक्षा में तैनात जवानों की जमकर क्लास लगी। बुलाकर फटकार लगाई गई। पुलिस ने बच्चे के पिता को थाने लेकर पहुंची और उससे माफीनामा भी करवाया। वहीं पुलिस जवानों को भी साहब ने जमकर खरी खोटी सुनाई। वजह साफ थी कि मामला कड़ी सुरक्षा पर सेंध का था।

Posted By: Vinita Sinha

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