रायपुर। Raipur Crime News: राजधानी में पुलिस हिरासत में हत्या के आरोपित ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। दोपहर में आरोपित शौचालय गया और वहीं बेल्ट से फांसी लगा ली। इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चार पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है।

शहर के पंडरी इलाके में 25 अक्टूबर को पांच बदमाशों ने दुकानों में काम करने वाले तीन युवकों पर चाकू और पत्थर से हमला कर दिया था। इससे तीनों घायल हो गए थे। इनमें गंभीर रूप से घायल अमित गाइन नाम के युवक की 27 अक्टूबर को मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में बुधवार दोपहर को कोतमा पलारी से पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इनमें से अश्वनी मानिकपुरी ऊर्फ बादल ने पूछताछ के दौरान शौचालय जाने की बात कही और शौचालय के अंदर जाकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। जब काफी देर तक आरोपित शौचालय से नहीं निकला तो थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों ने किसी तरह दरवाजा खोला। अंदर अश्वनी बेल्ट से फांसी पर लटका हुआ था। पुलिस उसे लेकर पंडरी के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, यहां से आंबेडकर अस्पताल रेफर कर दिया गया। आंबेडकर अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।

चार पुलिस कर्मी लाइन अटैच

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी अजय यादव ने पंडरी थाना में पदस्थ उपनिरीक्षक खेलन सिंह साहू, प्रधान आरक्षक देवर जंघेल, आरक्षक नंदकिशोर गुप्ता, आरक्षक मंजीत केरकेट्टा को लाइन अटैच कर दिया है।

भाजपा नेता ने दी जान, स्वजनों ने पुलिस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

बलौदाबाजार जिले के पलारी में मंगलवार की रात दवा व्यवसायी व युवा भाजपा नेता राहुल (36) पिता रामलाल डंडो ने नींद की गोली खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के स्वजनों ने पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर खुदकुशी का आरोप लगाया है।

पलारी नगर पंचायत के वार्ड-14 निवासी राहुल के छोटे भाई रवि ने बताया कि एक लड़की ने 16 अक्टूबर को राहुल के खिलाफ पलारी थाने में धमकी देने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इस पर थाना प्रभारी सीआइ चंद्रा ने थाने बुलाकर पूछताछ की थी। उन्हें धमकाया और प्रताड़ित किया था। इससे डरकर राहुल 10 दिनों तक गांव से बाहर था। दो दिन पहले ही वह गांव लौटा था। उसने परिवार के सभी लोगों को पुलिस की प्रताड़ना की बात बताई थी। मंगलवार को वह ग्राम कुकदा निवासी अपने दोस्त के घर गया था। वहां रात में अधिक मात्रा में नींद की गोली खा लीं। इससे उसकी मौत हो गई। रवि के मुताबिक उक्त लड़की ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था, जिसके चलते वह जेल में था। हाई कोर्ट से जमानत मिलने से 20 दिन पहले ही वह घर लौटा है।

राहुल की आत्महत्या के मामले में पुलिस पर लगाया गया आरोप निराधार है। लड़की ने धमकी देने की लिखित में शिकायत की थी। इस पर पुलिस द्वारा विधिवत कार्रवाई कर रही थी।

- इंद्रा कल्याण एलेसेला, एसपी

Posted By: Nai Dunia News Network

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