रायपुर। रायपुर के डीकेएस अस्पताल में हुए करोड़ों के घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के दामाद डॉ.पुनीत गुप्ता समेत पंजाब नेशनल बैंक के जीएम राजीव खेड़ा और डीजीएम सुनील अग्रवाल को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने तीनों को दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी है। उल्‍लेखनीय है कि इस मामले की अगली सुनवाई छह नवंबर को होगी।

50 करोड़ से अधिक का बहुचर्चित डीकेएस अस्पताल घोटाला


50 करोड़ से अधिक के बहुचर्चित डीकेएस अस्पताल घोटाले में गोलबाजार पुलिस ने गुरुवार को एसीजेएम पंकज आलोक तिर्की के कोर्ट में पूरक चालान पेश किया।

दो हजार से अधिक पन्नों का पूरक चालान पेश

पुलिस ने घोटाले से जुड़े डॉ. पुनीत गुप्ता, पीएनबी के जीएम राजीव खेड़ा और पीएनबी के डीजीएम सुनील अग्रवाल के खिलाफ दो हजार से अधिक पन्नों का पूरक चालान पेश किया। इस दौरान तीनों आरोपित कोर्ट में हाजिर थे। उनकी ओर से उनके वकील ने जमानत आवेदन पेश किया।

अदालत ने आवेदन को स्वीकार किया

अदालत ने आवेदन को स्वीकार करते हुए डॉ. पुनीत गुप्ता समेत पीएनबी के दोनों अफसरों को बड़ी राहत देते हुए दो लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत स्वीकार कर ली।

डॉ. पुनीत गुप्ता के जमानतदार उनके पिता बने

जानकारी के अनुसार डॉ. पुनीत गुप्ता के जमानतदार उनके पिता डॉ. जीबी गुप्ता बने। उल्‍लेखनीय है कि इस मामले में तीनों को हाई कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है।

आरोपित बनाए गए सारे लोगों की संलिप्तता के ठोस सुबूत

सीएसपी नसर सिद्दीकी ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि डीकेएस घोटाले में आरोपित बनाए गए सारे लोगों की संलिप्तता के ठोस सुबूत हैं। उन्‍होंने बताया कि इस मामले में पूरक चालान पेश कर दिया गया है। सीएसपी नसर सिद्दीकी के अनुसार आरोपितों को पहले से ही हाईकोर्ट से जमानत मिली हुई है। यहां के कोर्ट से केवल जमानत की औपचारिकता पूरी की गई है।