Raipur Local Edit: रायपुर। बारिश के दिनों में वातावरण में नमी के साथ उमस भी बढ़ जाती है। साथ ही कई प्रकार के जीव-जंतु और कीड़े-मकोड़े सक्रिय हो जाते हैं, क्योंकि यह मौसम उनके अनुकूल होता है। इसके विपरीत कभी ठंडक और कभी गर्मी का वातावरण मानव शरीर के अनुकूल नहीं होता। अक्सर लोग सर्द-गर्म के कारण वायरल बुखार की चपेट में आ जाते हैं।

राज्य के लोगों पर इस समय एक साथ तीन बीमारियों ने हमला कर रखा है। उत्तर और मध्य के कई जिलों में डेंगू ने पांव फैला रखे हैं तो दक्षिण के सीमावर्ती जिले में कोरोना दबे पांव अंदर आ गया है। वहीं राज्य के शेष हिस्से में वायरल बुखार ने लोगों को चपेट में ले लिया है। जाहिर है कि राज्य के लोग चारों ओर से अलग-अलग बीमारियों से घिर रहे हैं। इस परिस्थिति में संयम और सावधानी ही बचाव का सबसे मजबूत हथियार है।

राज्य के उत्तर में रायगढ़ जिले में करीब डेढ़ दर्जन बच्चे डेंगू से पीड़ित हैं तो दक्षिण के राजनांदगांव में कोरोना ने दर्जनों लोगों को अपनी चपेट में ले रखा है। वहीं मध्य में राजधानी रायपुर समेत अन्य जिले में वायरल बुखार तेजी से बढ़ रहा है। यहां अधिकांश घरों में लोग इससे पीड़ित हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में ऐसे पीड़ितों की कतार लगी है। इसके बावजूद इन बीमारियों से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह तो संभलने के लिए संकेत भर है। कारोना महामारी ने हमें बीमारी से लड़ने का हथियार दे दिया है।

हालांकि यह कोई नया हथियार नहीं है। हमारे पूर्वज और बुजुर्ग इसका इस्तेमाल करते रहे हैं। बीमारी से लड़ने के लिए संयम बनाए रखने के साथ ही सावधानी भी उतनी ही जरूरी है। हमने देखा है कि किस प्रकार कोरोनाकाल में दो गज दूरी और मास्क जरूरी के सूत्र वाक्य से बड़ी संख्या में लोग बीमारी से बचे रहे। जिन लोगों ने इसका पालन करने में कोताही या लापरवाही बरती, वे ही शिकार बने। सामान्य बीमारी में भी अगर उपचार के साथ संयम और नियमों का पालन किया जाए तो इस संक्रमण को भी फैलने से रोका जा सकता है।

डेंगू के मच्छर और लार्वा ठहरे पानी में पनपते हैं। आमतौर पर होता यह है कि लोग गर्मी से बचने के लिए कूलर का उपयोग करते हैं, लेकिन मौसम बदलने के बाद कूलर का पानी नहीं निकालते। इसके कारण डेंगू के मच्छरों को इसी जमा पानी में पनपने का मौका मिल जाता है। वैसे तो सभी ठहरे पानी में मच्छर पनपते हैं, इसलिए इसके प्रति सावधान रहने की जरूरत है। अगर पानी को जमा नहीं रहने दिया जाए तो डेंगू से बचा जा सकता है। राज्य में फैल रही बीमारियों से निपटने के लिए सरकार तो प्रयत्नशील है ही, लोग भी संयम, नियम और सावधानी पर ध्यान दें तो इस पर काबू पाया जा सकता है। बीमार होने के बाद इलाज कराने के बजाय बीमारी से बचाव का रास्ता अपनाएं।

Posted By: Kadir Khan

NaiDunia Local
NaiDunia Local