रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से दिया गया 'एस्पायरिंग (आकांक्षी) लीडर" सम्मान उत्साह बढ़ाने वाला है। यह राज्य सरकार के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना है जो भविष्य में और बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। निश्चित तौर पर यह सम्मान कुछ नया करने का उत्साह रखने वाले युवाओं में राज्य सरकार की नीतियों के प्रति भरोसा बढ़ाने का काम करेगा। इस उपलब्धि के लिए राज्य सरकार के साथ ही उद्योग विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी बधाई के पात्र हैंं।

प्रदेश में स्टार्टअपों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने विभिन्न स्तरों पर सराहनीय प्रयास किए हैं। इनमें स्टार्टअप योजना की स्थापना, उनके लिए करों में छूट, अनुदान का प्रविधान और स्टार्टअप व्यवसाय को विकसित करने में मदद करने वाले संस्थानों (इन्क्यूबेटरों) की स्थापना और उनका उन्न्यन प्रमुख हैं। इन्क्यूबेटरों के माध्यम से स्टार्टअपों के लिए को-वर्किंग स्पेस, मेंटरशिप, फंडिंग और प्रौद्योगिकी सपोर्ट के प्रविधान किए गए हैं।

इन्क्यूबेटर की स्थापना के लिए 50 लाख रुपये तक सरकार की तरफ से सहयोग के रूप में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है, साथ ही संचालन के लिए प्रतिवर्ष तीन लाख रुपये तक का अनुदान भी दिया जा रहा है। यहां औद्योगिक पुरस्कार योजना के तहत स्टार्टअप श्रेणी में डेढ़ लाख रुपये तक के पुरस्कार युवाओं का उत्साह बढ़ा रहा है।

कोरोनाकाल में रोजगार और कारोबार बुरी तरह प्रभावित होने के कारण हजारों लोगों की नौकरियां छूट गईं। दूसरी तरफ स्टार्टअप को प्रोत्साहित किए जाने से युवाओं ने अपने साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसरों का सृजन किया। अच्छी बात यह भी है कि सरकार की तरफ से स्टार्टअप को आर्थिक मदद करने के साथ ही बाजार उपलब्ध कराने में भी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बेहतर अवसरों के सृजन के लिए दूसरे राज्यों से प्रेरणा भी लेनी होगी।

स्टार्टअप इकोसिस्टम में गुजरात और कर्नाटक सबसे आगे हैं। उनके बाद केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, असम और तमिलनाडु जैसे राज्य है। प्रदेश में स्टार्टअप के लिए संस्थागत सहायता, इनोवेशन प्रोत्साहन व बाजार की पहुंच को और बेहतर किए जाने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय स्तर पर स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिए सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रोत्साहन के कारण अबतक 103 यूनिकार्न की स्थापना हो चुकी है। इस उपलब्धि के कारण फ्रांस में आयोजित कार्यक्रम वीवाटेक 2022 में भारत को कंट्री आफ द ईयर का सम्मान मिला।

एक अरब मूल्य वाले यूनिकार्न की स्थापना में भारत अब सिर्फ अमेरिका और चीन से पीछे रह गया है। पिछले वर्ष ही देश के 40 से अधिक स्टार्टअप को यूनिकार्न का दर्जा मिला। यहीं मंथन करने की जरूरत है कि इन यूनिकार्न में प्रदेश के कितने स्टार्टअप रहे। प्रदेश के उत्साही युवाओं को राज्य सरकार की तरफ से मिल रही सहायता और विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आना चाहिए। उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रदेश का सकारात्मक नेतृत्व यूनिकार्न की स्थापना में प्रेरक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा।

Posted By: Pramod Sahu

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