रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी रायपुर में सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) पर रोक लगाने को लेकर नगर निगम की तरफ से कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। थोक दुकानदार चोरी-छिपे बाजार में जमकर एसयूपी खपा रहे हैं। निगम की टीम छोटे दुकानों पर कार्रवाई जरूर कर रही है लेकिन लेकिन बाहरी राज्यों से आने वाली प्रतिबंधित पालीथिन पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। निगम अधिकारी इससे अनजान बने हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक गुजरात, महाराष्ट्र से बड़ी तादाद में प्रतिबंधित प्लास्टिक का आयात राजधानी और अन्य जिलों में किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट के जरिए इनकी आवक हो रही है।

एक जुलाई से केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने एसयूपी पर प्रतिबंध लगाया है लेकिन रायपुर समेत पूरे प्रदेश में महाराष्ट्र और गुजरात से बड़े पैमाने पर एसयूपी की आपूर्ति कर खपाया जा रहा है। कारोबारी सूत्रों के मुताबिक शहर के टाटीबंध, भनपुरी, ट्रांसपोर्टनगर, गंजपारा आदि इलाके में कई छोटी-बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनियां है। इन कंपनियों की गाड़ियां रोज महाराष्ट्र और गुजरात से धड़ल्ले से बड़ी मात्रा में एसयूपी ला रही हैं। ट्रांसपोर्ट के गोदामों में डंप होने के बाद इसे व्यापारी अपने ठिकाने पर लाकर छोटे दुकानदारों को बेच रहे हैं।

छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई

नगर निगम की टीम ने अब तक छोटे किराना दुकान, फल, सब्जी, ठेले वालों की जांच कर एसयूपी जब्त की है जबकि थोक दुकानदार दूसरे राज्यों से ट्रांसपोर्ट के जरिए एसयूपी मंगवाकर धड़ल्ले से खपा रहे हैं। वहीं कार्रवाई के डर से बड़े-छोटे दुकानदार चोरी-छिपे एसयूपी रखकर बेच रहे रहे हैं। बड़े दुकानदार अपने कर्मचारियों के हाथ से पालीथिन की आपूर्ति सीधे कर रहे हैं।

बाजार में उपलब्ध होने लगे विकल्प

एसयूपी का विकल्प बाजार में धीरे-धीरे उपलब्ध होने लगा है, लेकिन काफी कम मात्रा में इसकी आपूर्ति होने का फायदा एसयूपी खपाने वाले कारोबारी उठा रहे है। छोटे दुकानदारों को मजबूरी में प्रतिबंधित पालीथिन खरीदना पड़ रहा है, क्योंकि अभी भी कई ग्राहक बिना थैले के बाजार में सामान खरीदने पहुंच रहे हैं। मंदिरों के बाहर भी पूजा-सामग्री बेचने वाले लोगों को पालीथिन में ही नारियल, अगरबत्ती, फूल आदि दे रहे हैं।

पहले से कम हुई खपत

गोलबाजार के व्यापारियों के अनुसार, कुछ माह पहले तो अकेले राजधानी रायपुर में हर महीने ढाई सौ से लेकर तीन सौ टन तक का एसयूपी का व्यापार होता था। जुलाई में प्रतिबंध लगने के बाद से प्रशासनिक जांच, सख्ती और कार्रवाई होने से पहले की अपेक्षा इसकी खपत काफी कम हुई है।

रायपुर नगर निगम के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डा.तृप्ति पाणिग्रही ने कहा, प्रतिबंधित पालीथिन को सख्ती के साथ बंद कराने के लिए निगम अमला लगातार कार्रवाई कर रहा है। आम नागरिकों के साथ व्यापारी भी शहर के हित में अपनी जिम्मेदारी को समझें और एसयूपी की जगह कपड़े, जूट के थैले का इस्तेमाल करें।

फैक्ट फाइल

- एक जुलाई से 10 अगस्त तक एसयूपी पर कार्रवाई

- 10 जोनों में रायपुर नगर निगम कर रही जांच

- 60 से अधिक छोटे दुकानदारों की जांच

- एक लाख दस हजार रुपये किया गया जुर्माना

- 345 किलो एसयूपी किया गया है जब्त

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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