रायपुर(निप्र)। प्रदेश में एमआरपी से अधिक शराब बेचने का मामला विधानसभा में भाजपा विधायक देवजी भाई पटेल ने जोर-शोर से उठाकर वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल को घेरा। पटेल ने आरोप लगाया कि आबकारी अमला एक संविदा अधिकारी के भरोसे टिका हुआ है। यहां पर एमआरपी और एमएसजी में उचित तालमेल नहीं होने की वजह से राजस्व का घाटा हो रहा है। अम्बिकापुर से रायपुर तक शराब के रेट तय नहीं होने से अनाप-शनाप मूल्यों पर शराब बिक रही है। 11 से अधिक दुकानों का उठाव भी नहीं हुआ है जिससे आबकारी विभाग को घाटा हो रहा है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

विधायक पटेल ने विधानसभा में यह मामला उठाते हुए यह जानना चाहा कि सन्‌ 2014-15 के लिए विभाग ने किन-किन विदेशी मदिरा कंपनियों से किस-किस प्रोडक्ट हेतु रेट ऑफर मंगाए तथा जिन कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट पर जो ऑफर दिया उसका कम रेट ऑफर प्रस्तुत किया गया या नहीं। कंपनी व ब्रांडवार ब्यौरा दें। प्रदेश में महंगी शराब बिक रही है तथा इसका कोई रेट निर्धारित नहीं है। लाइसेंसी ठेकेदार लोगों से मनमाना रेट वसूल रहे हैं। इसके जवाब में वाणिज्यिक कर मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा कि देवजी भाई पटेल खुद ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष रहे हैं। वर्ष 2014 में रेट ऑफर 35 इकाइयों द्वारा 462 ब्रांड लेबलों के लैंडिंग प्राइज प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2013-14 के आठ प्रदायकर्ताओं द्वारा 50 ब्रांड लेबल की लैंडिंग प्राइज दरों में कम रेट ऑफर किया गया। कम रेट मान्य किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजस्व में कोई कमी नहीं आई है। विदेशी मदिरा के निर्धारित एमआरपी और एमएसपी विक्रय दर लागू है, यह यथावत प्रभावशील है। अमर अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण रेट तय नहीं हो पाए हैं। सरकार इसको लेकर सजग है। अमर अग्रवाल ने सदन को आश्वासन दिया की ऐसी शिकायत नहीं आने दी जाएगी।

गौरतलब है कि राजधानी समेत पूरे प्रदेश में बिना किसी सरकारी आदेश के दुकानों में शराब एमआरपी रेट से अधिक में बेचने का मामला नईदुनिया लगातार प्रकाशित करता आ रहा है। शिकायतों के बाद भी आबकारी विभाग ने अब तक लाइसेंसी ठेकेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।

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