रायपुर (ब्यूरो)। पेंडारी नसबंदी कांड को लेकर महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने मंगलवार को कांग्रेस भवन से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक कैंडल मार्च किया, लेकिन प्रदर्शनकारी सीएम हाउस में पहुंच पातीं, इसके पहले ही पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।

कैंडल मार्च के दौरान पुलिस ने महिलाओं को सीएम हाउस जाने से रोका तो उसकी और महिला कार्यकर्ताओं के बीच झूमा-झटकी भी हुई। महिला कांग्रेसियों ने नसबंदी के बाद मौत के मामले में मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल के इस्तीफे की मांग की।

इस घटना के विरोध में कैंडल मार्च किया गया था, लेकिन पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने इसके पहले ही कैंडल मार्च निकाला था। इस दौरान भी महिलाओं को पुलिस ने रोक दिया। महिला कांग्रेस ने आदिवासी महिलाओं की नसबंदी किए जाने के विरोध में प्रदेशभर में प्रदर्शन करने का फैसला लिया है।

नसबंदी कांड के विरोध में कैंडल मार्च निकालने के बाद महिला कांग्रेस अब बुधवार 19 नवंबर से प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन करने के साथ शांति मार्च निकालेगी। दिल्ली के जंतर मंतर में धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दे गई है।

महिला कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों और जिलाध्यक्ष की मंगलवार को कांग्रेस भवन में बैठक हुई । बैठक में बिलासपुर नसबंदी कांड पर पदाधिकारियों से रायशुमारी की गई। बैठक के बाद महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष अनिता रावटे ने पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने नसबंदी प्रकरण को अमानवीय घटना बताया। उन्होंने कहा-कलेक्टर ही आलमारी तोड़कर साक्ष्‌य को जला रहे हैं, ऐसे में किस पर भरोसा किया जा सकता है?

उन्होंने कहा कि महावर फार्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, लेकिन 12 प्रतिबंधित दवाइयों की फर्म पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मेडिसिन कंट्रोल की नीति नहीं बनाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवेदनशील मामला होने के बाद भी सरकार लीपापोती में लगी हुई है। श्रीमती रावटे ने पूरे मामले की सीबीआई जांच और स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल के इस्तीफे की मांग की । उन्होंने बताया कि महिला कांग्रेस नसबंदी कांड के विरोध में बुधवार 19 नवंबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की जयंती को संकल्प दिवस के रूप में मनाते हुए ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर धरना-प्रदर्शन करने, शांति मार्च निकालने की शुरुआत करेगी। वहीं प्रदेश कांग्रेस के साथ मिलकर दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

बच्चों को लिया गोद

श्रीमती रावटे ने बताया कि नसबंदी पीड़ित महिलाओं के तीन बच्चों को कांग्रेस ने गोद लिया है। वहीं सरकार द्वारा की गई घोषणाओं की निगरानी की जिम्मेदारी बिलासपुर की महापौर वाणी राव सहित महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों को दी गई है। उन्होंने बताया कि महिला विधायकों और सभी महापौर को लेकर एक टीम बनाई गई, जो इस घटना पर कांग्रेस क्या कर सकती है, इस पर जानकारी जुटा रही है।

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