रायपुर। ई-चालान के माध्यम से भारी वाहनों के रोड टैक्स भुगतान में करोड़ों रुपए का गोलमाल किए जाने मामले में एक बार फिर से रायपुर आरटीओ दफ्तर के छोटे कर्मचारियों, एजेंटों और वाहन स्वामियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उनके खिलाफ खमतराई थाने में तीसरी एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

दरअसल रोड टैक्स घोटाले की चार महीने तक चली विभागीय जांच की रिपोर्ट पिछले दिनों आरटीओ को भेजी गई थी। इस रिपोर्ट में एजेंटों की मिलीभगत से आरटीओ के दो कर्मचारियों को ऑनलाइन डाटा एंट्री से छेड़छाड़ कर घोटाले को अंजाम देने का दोषी पाया गया। मुख्यालय से पहुंची पूरी जांच रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अब मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश परिवहन विभाग के अफसरों ने आरटीओ को दिए हैं। इधर इस मामले में खमतराई पुलिस ने चार माह बाद भी अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की है। इससे पुलिसिया जांच पर भी सवाल उठने लगे हैं।

परिवहन विभाग के सूत्रों ने बताया कि रायपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के साथ ही दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, अंबिकापुर और रायगढ़ आरटीओ कार्यालय में ई-चालान के जरिए रोड टैक्स भुगतान में करोड़ों के घोटाले सामने आए थे। विभागीय लेखा जांच कमेटी ने इसकी जांच की थी। करीब 30 हजार से अधिक वाहनों के रोड टैक्स के चालान भुगतान को खंगाला। मूल रसीद और ई-डाटा एंट्री में रकम के भुगतान में अंतर पाए जाने पर प्रदेशभर के आरटीओ दफ्तर में 20 हजार से अधिक वाहनों के रोड टैक्स में हेराफेरी का खुलासा हुआ। रायपुर आरटीओ दफ्तर में करीब 10 हजार वाहनों के टैक्स में गड़बड़ी पाई गई, जिसमें दो एजेंटों के साथ आरटीओ दफ्तर के एक कर्मचारी की भूमिका को संदिग्ध माना गया। इससे पहले भी जुलाई महीने में तिमाही रोड टैक्स शाखा के बाबू निशांत खलखो को दोषी पाकर उन्हें निलंबित कर मुख्यालय अटैच किया गया था। जबकि खमतराई थाने में अब तक दो अलग-अलग प्रकरणों में आरटीओ एजेंट उल्लास नागपुरे, ई-चालान का अधिकृत काम देखने वाले महानंद द्रवी, टाटीबंध निवासी ट्रांसपोर्टर अशोक ठाकुर, कुलदीप सिंह ठाकुर (सगे भाई) और बहन बसंती देवी के साथ ही बीएमडब्ल्यू कार के मालिक गणेश खेतान, एजेंट अमित मसीह तथा कैशियर एसएन टेलर के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कराया जा चुका है। अब तीसरी एफआईआर कराने की तैयारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जब तक घोटाले के पूरे दस्तावेज हाथ में नहीं आ जाते और उनकी जांच नहीं हो जाती तब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी संभव नहीं है।

आरोपी कैशियर का दुर्ग तबादला, एजेंट फरार

आरटीओ दफ्तर के जानकार सूत्रों ने बताया कि एफआईआर दर्ज कराने से पहले ही कैशियर एसएन टेलर का आरटीओ दुर्ग तबादला कर दिया गया था, जबकि एजेंट अमित मसीह गिरफ्तारी के डर से फिलहाल भूमिगत हो चुका है। गौरतलब है कि 'नईदुनिया' ने पूरे घोटाले को उजागर किया था, जिससे परिवहन विभाग में खलबली मच गई थी। इसके बाद रोड विभागीय लेखा टीम ने जांच की तो रोड टैक्स घोटाले की परत दर परत खुलती चली गई।

आरटीओ में हुए रोड टैक्स घोटाले के दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। इसमें साइबर सेल की मदद भी ले रहे हैं। जांच पूरी होने में अभी और वक्त लगेगा। उसके बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

सपन चौधरी, टीआई खमतराई

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