रायपुर। छत्तीसगढ़ में हो रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में नक्सल प्रभावित इलाकों विशेषकर बस्तर संभाग के चि-ति संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों में मतदान दलों को लाने-ले-जाने के लिए सात हेलिकॉप्टरों की मदद ली जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त पीसी दलेई के साथ आला अधिकारियों की बैठक में यह फैसला किया गया। प्रदेश में तीन चरणों में 28 जनवरी, 1 व 4 फरवरी को मतदान होगा।

कलेक्टरों व जिला निर्वाचन अधिकारियों की तीन घंटे चली बैठक में पंचायत चुनाव की तैयारियों पर मंथन के बाद स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव कराने की रणनीति बनी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में बताया गया कि बस्तर संभाग के नारायणपुर, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टरों ने ऐसे मतदान केन्द्रों की पहचान कर ली है, जहां हेलिकॉप्टरों से मतदान दलों को भेजा जाना है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि नक्सली क्षेत्रों में अतिरिक्त बल लगाकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। बस्तर संभाग के कलेक्टरों की अलग से बैठक लेकर चुनाव तैयारियों में मुख्य रूप से सुरक्षा प्रबंध के लिए किए गए उपायों की विस्तार से समीक्षा की गई। पिछले पंचायत चुनाव की तुलना में इस बार ऐसे क्षेत्रों की संख्या में कमी आई है, जहां किसी भी पद के लिए नामांकन दाखिल नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी अपने जिलों में आपसी समन्वय के साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। सुरक्षा व्यवस्था में विशेष सजगता बरती जाए। उन्होंने मतदान केन्द्रों को दूसरी जगहों पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव आयोग को भेज दिए जाएं।

मुख्य सचिव विवेक ढांड ने बैठक में कलेक्टरों से कहा कि प्रदेश में पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ चुनाव कराने के लिए हर जरूरी उपाए किए जाएं। कलेक्टरों पर निष्पक्ष पंचायत चुनाव कराने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अपर मुख्य सचिव एनके असवाल ने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नक्सली क्षेत्रों में रूट चार्ट बनाते समय विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने अवैध शराब पर नियंत्रण व असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई के भी निर्देश दिए।

सुरक्षाबलों की होगी तैनाती

डीजीपी एएन उपाध्याय ने कहा कि पिछले चुनाव के अच्छे-बुरे अनुभवों के आधार पर इस बार के चुनाव में समुचित व्यवस्था की जाए। सुरक्षा बलों की तैनाती पर व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए रणनीति बनाई जाए। स्थानीय स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों की भी मदद ली जाए। जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारी रणनीति पहले से बना लें।

अतिरिक्त मतपेटियों की जरूरत

बैठक में कुछ जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों ने अतिरिक्त मतपेटियों की मांग की। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने मतदान पेटियों की व्यवस्था तुरंत करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि संवेदनशील व अतिसंवेदनशील मतदान क्षेत्रों वाले अनेक ग्राम पंचायतों के मतों की गणना विकासखंड मुख्यालयों में कराने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।

बस्तर में सुबह 6.45 बजे से दोपहर दो बजे तक मतदान

पूरे बस्तर संभाग में सभी चरणों में अब निर्धारित तिथियों को सुबह 6.45 बजे से 2 बजे तक मतदान कराने का निर्णय लिया गया है। बैठक में रायपुर कमिश्नर डॉ. बीएल तिवारी, बिलासपुर कमिश्नर सोनमणि बोरा, बस्तर कमिश्नर आरपी जैन, सरगुजा कमिश्नर टीसी महावर, एडीजी आरके विज, संजय पिल्ले, आईजी जीपी सिंह व संचालक जनसंपर्क रजत कुमार भी उपस्थित थे।

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