रायपुर(निप्र)। दुर्घटना दावा के एक मामले में दो साल से गवाही में टालमटोल करने के बाद अदालत ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हीरालाल नायक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। पिछले 5-6 पेशी में आरटीओ नायक अदालत में उपस्थित नहीं हुए। बार बार समन के बाद भी नहीं आने से नाराज अपर सत्र न्यायाधीश ने पुलिस अधीक्षक के माध्यम से गिरफ्तारी वारंट भेजने का आदेश दिया है। आरटीओ की गवाही के चलते दुर्घटना दावा के प्रकरण पर फैसला नहीं हो पा रहा और दुर्घटना में घायल को क्षतिपूर्ति मिलने में देरी हो रही है। बीमा कंपनी के अधिवक्ता एनके ठाकुर का कहना है कि फर्जी लाइसेंस के मामले में आरटीओ की कार्यप्रणाली संदिग्ध है और इसीलिए वे बचते फिर रहे हैं।

अदालत से मिली जानकारी के अनुसार फर्जी लाइसेंस के मामले में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी हीरालाल नायक का अदालत में बयान होना है। रायपुर आरटीओ ने चालक कीर्तन कुमार ध्रुव के नाम पर एक ड्राइविंग लाइसेंस यूपी-78 19880015701 जारी किया है, जो कानपुर आरटीओ का है और कानपुर आरटीओ ने इस लाइसेंस को जांच पड़ताल के बाद फर्जी करार दिया है और इसी अदालत में आकर अपनी गवाही भी दे दी है। लेकिन लाइसेंस जारी करने वाले रायपुर आरटीओ ने अभी तक उपस्थिति नहीं दी है। कभी दस्तावेज तो कभी रिकॉर्ड नहीं मिलने तो कभी आफिस शिफ्टिंग का बहाना आरटीओ द्वारा बताया जाता है।

आरटीओ के खिलाफ एफआईआर

कानपुर आरटीओ द्वारा लाइसेंस को फर्जी करार देने के बाद बीमा कंपनी रॉयल सुंदरम ने 27 जून 2011 को खमतराई थाने में आरटीओ के खिलाफ एफआईआर कराई। लेकिन आज तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

क्या है दुर्घटना मामला

12 नवंबर 2009 को पीड़ित राजेश सोनी अपनी मोटरसाइकिल से जा रहा था तभी आरोपी ट्रक चालक कीर्तन कुमार ध्रुव ने लापरवाही पूर्वक ट्रक चलाते हुए उसे ठोकर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। राजेश ने रामकृष्ण केयर में अपना इलाज कराया, जहां उसे 7-8 लाख रुपए का खर्चा आया है। पीड़ित ने दुर्घटना दावा पेश किया है, जो अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार जोलहे की अदालत में चल रहा है। बीमा कंपनी रॉयल सुंदरम ने ट्रक चालक के लाइसेंस की जांच पड़ताल की, जिसमें लाइसेंस फर्जी पाया गया है।

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