रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्री मानसून की गतिविधि दो दिन बाद शुरू होगी। तब तक लोगों को उमस और गर्मी झेलनी होगी। मानसून अभी केरल से आगे बढ़कर आंध्रप्रदेश की सीमा में सक्रिय है। छत्तीसगढ़ पहुंचने में अभी सप्ताहभर का समय लग सकता है। जानकारों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से उठा मानसून कमजोर हो गया है। वहीं अरब सागर से उठा तूफान यशोबा यमन देश की ओर चला गया है। जल्द ही यह खाड़ी से फिर आगे ब़ढ़ेगा।

प्रदेश के किसान मानसून को लेकर चिंतित हैं। केन्द्रीय मौसम विभाग ने 12 फीसदी कम बारिश का पूर्वानुमान दिया है। इसलिए किसान मानसून को लेकर परेशान हैं। मानसून देश में पहले ही पांच दिन देर से पहुंचा है। इसके बाद फिर कमजोर पड़ गया है, जिसके कारण आगे नहीं बढ़ रहा। बताया जा रहा है कि सप्ताहभर बाद ही छत्तीसगढ़ में मानसून की बौछारें पड़ने की संभावना है।

चक्रवात कमजोर पड़ने से बढ़ी गर्मी

बुधवार को कहीं-कहीं पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। रायपुर सहित दूसरे शहरों के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई। सर्वाधिक बढ़ोतरी बस्तर के तापमान में 8 डिग्री की रिकॉर्ड की गई। एक ही दिन में जगदलपुर का पारा 28.6 से 36.9 डिग्री पर पहुंच गया। आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल के बीच ऊपरी हवा में बना चक्रवात कमजोर पड़ने के कारण बुधवार को मौसम साफ रहा। कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ीं, लेकिन ज्यादातर स्थानों में मौसम खुला रहा। इसलिए गर्मी भी बढ़ी और लोग उमस से परेशान रहे। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और पेण्ड्रारोड में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। लालपुर केन्द्र के मौसम विज्ञानी एम गोपाल राव के मुताबिक दो दिन बाद प्री मानसून बारिश शुरू होगी। तब तक यहां उमस और गर्मी बनी रहेगी। आगामी चौबीस घंटों के दौरान कहीं-कहीं पर अंधड़ चलने की संभावना है।

अरब सागर से उठा तूफान यशोबा यमन की ओर चला गया है। अब मानसून फिर खाड़ी से उठेगा और पूरे देश में सक्रिय होगा।

- डॉ.एएसआरएएस शास्त्री, मौसम विशेषज्ञ

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