रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल की तैयारियों को लेकर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर ने जिलेवार आकस्मिक कार्ययोजना बनाई है। मानसून की देरी व सूखे की स्थिति में कृषि व मौसम वैज्ञानिकों द्वारा समय-समय पर किसानों को खेती को लेकर सलाह भी दी जाएगी। कृषि उत्पादन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान (समिति) में आयोजित समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने बैठक में विभागीय अधिकारियों की राज्य स्तरीय बैठक में चालू खरीफ मौसम की तैयारियों की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने खाद-बीज की व्यवस्था की जानकारी लेने के बाद खाद-बीज वितरण की स्थिति की भी जानकारी ली। श्री सिंह ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकार की योजनाओं का समुचित लाभ किसानों को मिलना चाहिए। इन योजनाओं से खेती-किसानी सुविधाजनक हो जाती है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सहकारी समितियों के माध्यम से दो लाख 18 हजार क्विंटल बीज तथा तीन लाख मीट्रिक टन खादों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। चालू खरीफ सीजन में 48 लाख 20 हजार हेक्टेयर में अनाज, दलहन, तिलहन सहित अन्य फसलों की खेती करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें मुख्य फसल धान, मक्का, अरहर, उड़द, सोयाबीन और मूंगफली के लिए 43 लाख 79 हजार हेक्टेयर रकबा निर्धारित किया गया है। शेष चार लाख 31 हजार हेक्टेयर में अन्य फसलों की बोनी का लक्ष्य है।

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