रायपुर। दक्षिण पश्चिम मानसून रायपुर पहुंचने के बाद सुस्त पड़ गया है। चार दिनों में मानसून प्रदेश के केवल बस्तर, रायपुर और दुर्ग संभाग में ही सक्रिय हुआ है। जबकि बिलासपुर और सरगुजा में प्री मानसून की गतिविधि चल रही है। मानसून जैसे ही रायपुर पहुंचा, बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं बना जिसके चलते यहां मानसूनी बारिश भी कमजोर पड़ गई है। लेकिन बुधवार से खाड़ी में एक तूफान बनने लगा है जो तीन दिनों में मजबूत होगा। इसी तूफान के असर से आगामी तीन-चार दिनों बाद प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है।

मानसून का जोरदार आगाज 13 जून को बस्तर में हुआ। मौसम विज्ञानी मान रहे थे कि बस्तर से रायपुर तक पहुंचने में तीन चार दिन लगेंगे, लेकिन दूसरे ही दिन आधी रात को मानसून ने रायपुर में दस्तक दे दी और जोरदार बारिश हुई। इसी दौरान बंगाल की खाड़ी में कोई सिस्टम नहीं बना। इसलिए यहां मानसूनी गतिविधि कमजोर पड़ गई। चक्रवात और द्रोणिका के असर से प्रदेश में पिछले तीन-चार दिनों से रात को बारिश हो रही है।

बोनी के लिए पानी अपर्याप्त

पिछले चार दिनों में छत्तीसगढ़ में जो बारिश हुई है वह बोनी के लिए अपर्याप्त है। इसलिए यहां बोनी शुरू नहीं हो सकी है। बारिश कम होने के कारण यहां उमस बढ़ी हुई है और लोग बेहाल हैं। एक दो और जोरदार बारिश होने के बाद ही यहां खेती किसानी शुरू होगी। दूसरी ओर मानसून का विस्तार भी दो संभागों में नहीं हुआ है। खाड़ी के तूफान से मानसून भी पूरे प्रदेश में सक्रिय हो जाएगा।

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मानसून सुस्त हो गया है। बंगाल की खाड़ी में फिर तूफान उठ रहा है जो तीन दिनों में मजबूत हो जाएगा। इस तूफान के असर से छत्तीसगढ़ में तीन-चार दिनों बाद भारी बारिश होने की संभावना है। यहां बोनी के लिए दो दिनों में 50 मिमी पानी की जरूरत है।

- डॉ.एएसआरएएस शास्त्री, मौसम विज्ञानी

उत्तरी बंगाल की खाड़ी से उत्तरी आंध्रप्रदेश तक कम तूफान बन रहा है, जिसके असर से तीन दिनों बाद मानसून रफ्तार पकड़ेगा। अभी छत्तीसगढ़ से तमिलनाडु तक द्रोणिका बनी हुई है, जिसके असर से नमी आ रही है। दिन में धूप और शाम को गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है।

- एम गोपाल राव, मौसम विज्ञानी, लालपुर केन्द्र

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