रायपुर(निप्र)। एक इंटीरियर डेकोरेटर ने 16 लाख रुपए लेकर भी डेकोरेशन का काम 40 प्रतिशत अधूरा छोड़ दिया। जबकि 16 लाख 50 हजार रुपए में पूरे घर के डेकोरेशन का सौदा हुआ था और काम होने के बाद पूरे पैसे देने का एग्रीमेंट हुआ था। इसके बावजूद डेकोरेटर ने अधूरा काम करके 7.28 लाख रुपए की मांग की। सेवा में कमी के लिए फोरम के बाद राज्य उपभोक्ता आयोग ने उस पर बीस हजार रुपए का जुर्माना ठोंका है और दो लाख 36 हजार रुपए उपभोक्ता को लौटाने का आदेश पारित किया है।

मालवीय नगर दुर्ग के योगेश पंजाबी ने अपने घर की सजावट के लिए ग्लोबल इंटीरियर्स शंकर नगर को 16.50 लाख में ठेका दिया था। 29 जून 2010 को उन्होंने एग्रीमेंट किया, जिसके मुताबिक काम पूरा होने पर 16.50 लाख का भुगतान किया जाना था। लेकिन चार माह में मकान के इंटीरियर डेकोरेशन का काम पूरा नहीं किया गया और इस दौरान डेकोरेटर ने अलग-अलग समय पर कुल 16 लाख रुपए का भुगतान ले लिया। इसके बावजूद डेकोरेशन का काम 40 फीसदी अधूरा रहा, जिसे पूरा करने के लिए डेकोरेटर ने 7 लाख 28 हजार 500 रुपए की मांग की। इससे दुखी होकर उपभोक्ता ने जिला फोरम में परिवाद दायर किया। फोरम ने सेवा में कमी के लिए ऋषिराज रंगलानी ग्लोबल इंटीरियर्स को जिम्मेदार ठहराते हुए उपभोक्ता को 7.28 लाख रुपए 18 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने और मानसिक कष्ट के लिए एक लाख रुपए देने का फैसला सुनाया। इस फैसले के खिलाफ ग्लोबल इंटीरियर्स ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की, जहां आयोग ने सेवा में कमी के लिए ग्लोबल इंटीरियर्स को जिम्मेदार ठहराते हुए 2 लाख 36 हजार रुपए 9 प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने और मानसिक कष्ट के लिए 20 हजार रुपए देने का आदेश दिया।

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