रायपुर। Chhattisgarh: केंद्र सरकार ने धान से एथनाल (ईंधन) बनाने की अनुमति दे दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे छत्तीसगढ़ सरकार और जनता की डेढ़ वर्षों की कोशिशों का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय कैसे बढ़ाई जाए, यह शुरू से मेरे मन में था। जब धान से एथनाल पर विचार किया गया तब इसकी जानकारी इंटरनेट पर भी नहीं थी। सबसे पहले हमने पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के लैब में इसका टेस्ट किया गया था। वहां एक किलो धान से 470 ग्राम एथनाल निकला। तब हमें लगा कि हमारी सोच सफल हो जएगी। उसके बाद पंजाब के लैब में प्रयोग किया गया। अब केंद्र सरकार ने भी इसे स्वीकार करते हुए धान से बने एथनाल की दर 54 रुपये प्रति लीटर भी तय कर दी है।

कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले में प्रेसवार्ता की। इस दौरान कृषि मंत्री रविंद्र चौबे और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के साथ अन्य मंत्री व कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आज भले ही केंद्र सरकार और भाजपाई इस मामले में अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, लेकिन जब मैंने पहली बार यह बात विधानसभा कही थी, तब इन्हीं लोगों ने मजाक बनाया था। उन्होंने बताया कि धान से एथनाल बनाने को लेकर फरवरी 2019 में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें कृषि विज्ञानी, विशेषज्ञ, उद्योगपति और किसान समेत विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल हुए थे। इसके बाद राज्य सरकार इसके लिए लगातार कोशिश कर रही थी। प्रधानमंत्री, केंद्रीय, पेट्रोलियम मंत्री, कृषि मंत्री, खाद्य मंत्री को कई बार पत्र लिखा गया, टेलीफोन पर बात की गई। विशेष विमान से दिल्ली तक गए, लेकिन अनुमति नहीं दे रहे थे।

अब तक चार एमओयू, अब बड़ी संख्या में लगाएंगे प्लांट

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक धान से एथनाल बनाने वाले के लिए चार एमओयू किए गए हैं। इसमें दो प्लांट मुंगेली, एक महासमुंद और एक जांजगीर-चांपा जिले में लगाए जाने हैं। उम्मीद की जा रही है कि एक वर्ष में इन प्लांटों से उत्पादन शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अब बड़ी संख्या में प्लांट लाएंगे।

कृषि उपज खरीदी पर बंदिश क्यों

सीएम ने बताया कि केंद्र सरकार ने धान खरीदी की लिमिट तय कर रखी है। शक्कर के मामले में भी बंदिश है। ऐसे में किसानों की उपज का क्या होगा। उन्होंने कहा कि धान या गन्ना सड़ाने से अच्छा है कि उससे एथनाल बनाया जाए। इससे भारत सरकार की विदेश मुद्रा भी बचेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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