रायपुर। नईदुनिया, राज्य ब्यूरो

छत्तीसगढ़ में पढ़ाई के लिए हो रहे नवाचार की अब नीति आयोग ने तारीफ की है। प्रदेश में मोहल्ला क्लास, बुल्टू के बोल एवं डिजिटल प्लेटफार्म का प्रयोग करते हुए बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। नीति आयोग ने छत्तीसगढ़ के प्रयोग से अन्य प्रदेशों को लाभ उठाने सलाह दी है। नीति आयोग ने अपने ट्विटर अकाउंट पर राजनांदगांव में हुए प्रयोगों को ट्वीट किया है। कोरोना संकट के दौरान स्कूल नहीं खुलने के कारण प्रदेश में अलग-अलग तरीके से पढ़ाई कराई जा रही है। राजनांदगांव जिला में पढ़ाई तुंहर दुआर कार्यक्रम में शिक्षक गांवों में पहुंचकर साउंड सिस्टम से दूर - दूर बैठे बच्चों को पढ़ा रहे है।

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला ने बताया कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की पढ़ाई लगातार चल रही है। बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए कोविड-19 संक्रमण की कठिन परिस्थितियों में भी दूरस्थ अंचलों तक शिक्षा की रोशनी पहुंच रही है। वनांचल क्षेत्र मोहला विकासखंड में शिक्षकों ने स्थानीय जनसमुदाय, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयं के प्रयासों से 276 स्मार्ट टीवी के माध्यम से विभिन्न पारा मोहल्ला कक्षाओं में डिजीटल शिक्षा की शुरुआत की। इससे इस क्षेत्र में विद्यार्थियों एवं पालकों में बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूकता आई है। साथ ही शिक्षा के प्रति बच्चों की रूचि में वृद्घि हुई है। वनांचल क्षेत्रों में शिक्षकों एवं शिक्षा सारथियों ने लगातार प्रयास करते हुए पढ़ाई की कमान थामे रखी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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