रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। Raipur News जंगल सफारी में पर्यटकों की आवक में लगातार बढ़ोतरी तो शुरू हो गई, लेकिन सुविधाओं को लेकर विभाग अधिकारी सचेत नहीं हैं। कभी पर्यटकों को घूमने के लिए घंटों टिकट के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता है, तो कभी बस की एसी खराब हो जाने की शिकायत रहती है। इसी तरह का एक वाक्या शनिवार को जंगल सफारी में दोपहर को घटी।

पर्यटकों से भरी जब एक बस बीच सफारी के अंदर पंक्चर हो गई। इसके बाद बस में बैठे पर्यटक अपने-अपने मोबाइल और डिजिटल कैमरे से खुले में घूम रहे वन्यजीवों की फोटो खींचते रोमांचित हो रहे थे। इसी बीच आसपास मौजूद बाघ दहाड़ने लगे। वन्यजीवों के नजदीक आने और बाघ की दहाड़ सुनकर पर्यटक दहशत में आ गए । छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक, खासकर महिलाओं ने चीख-पुकार शुरू कर दी। बस के अंदर मौजूद गाइड और बस चालक पर्यटकों को शांत कराने की कोशिश करने लगे।

घंटों करनी पड़ी मशक्‍कत

सफारी में बस पंक्चर होने की जानकारी जू प्रबंधक के पास पहुंच गई। इसके बाद बस में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए दूसरा रेस्क्यू वाहन भेजा गया। दूसरे वाहन के पहुंचने पर बस में फंसे पर्यटकों को शांत कराने व सुरक्षित होने का भरोसा दिलाने के लिए कर्मचारियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। उन्हें सफारी से सुरक्षित बाहर निकाला गया। सफारी से बाहर निकलने के बाद पर्यटकों ने राहत की सांस ली।

फेर बढ़े, लेकिन मेंटेंनेस का अभाव

जंगल सफारी में शनिवार, रविवार को पर्यटकों की काफी भीड़ रहती है। ऐसे में यहां संचालित एसी, नॉन एसी बसों के फेरे को दोगुना कर दिया जाता है। लगभग ढाई किलोमीटर के इस फेरे में बसों का रखरखाव भी जरूरी है। सफारी में पर्यटकों को सैर कराने के लिए लाई गई ज्यादातर बसें जर्जर स्थिति में पहुंच गई हैं। ज्यादातर बसों के टायर पूरी तरह घिस गए हैं। सफारी के अंदर का लुक जंगल की तरह होने की वजह से बसों के टायर में गिट्टी का कट लगना और घिसना स्वाभाविक है। जानकारों के अनुसार इस वजह से भी बस पंक्चर हो गई होगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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