रायपुर। Raipur News dhirendra krishna shastri रायपुर में कथावाचक महाराज धीरेंद्र शास्त्री के दिव्य दरबार को लेकर उठे विवाद के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति चाहे कोई भी मार्ग अपनाकर साधना करें तो उसे सिद्धियां मिल जाती है, लेकिन किसी को इस तरह चमत्कार नहीं दिखानी चाहिए। इससे केवल समाज में जटिलता आती है। मख्यमंत्री ने कहा कि चमत्कार दिखाना जादूगरों का काम होता है। मुख्यमंत्री ने चमात्कार को लेकर मीडिया से चर्चा मेें विस्तार से बात की। उन्होेंने कहा कि साधक को सिद्धियां मिल ही जाती हैं। इतनी सिद्धियां मिलती हैं कि वह बीमार को ठीक कर सकता है। किसी सामान को हवा में उड़ा सकता है। मुख्यमंत्री ने दो महापुरुषों रामकृष्ण परमहंस और गौतम बुद्ध का उदाहरण दिया और कहा कि सिद्धियों का प्रयोग चमत्कार दिखाने मेें नहीं करना चाहिए।

भाजपा के नेता मतांतरण के नाम पर गुंडागर्दी कर रहे

मुख्यमंत्री ने मतांतरण के सवाल पर कहा कि राज्य सरकार ने मतांतरण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की। भाजपा के नेता मतांतरण के नाम पर गुंडागर्दी कर रहे हैं। हम इसे रोकने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। वहीं, दिव्य दरबार में चार लोगोें की घर वापसी पर कहा कि जो लोग वापस कराए हैं, उन्हें बताना चाहिए कि उन्हें किस वर्ण में रखा गया है। उन्हें किस समाज से जोड़ा गया है। रायपुर के गुढ़ियारी में धीरेंद्र शास्त्री की कथा 17 जनवरी से चल रही है। इसका समापन सोमवार 23 जनवरी को होगा। आयोजकों का दावा है कि समापन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हो सकते हैं। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को नागपुर की अंधनिर्मूलन समिति ने चुनौती दी थी कि उनके व्यक्ति के बारे में जानकारी दें। समिति ने आरोप लगाया था कि बाबा को चुनौती मिलने के बाद वह नागपुर का कार्यक्रम दो दिन पहले छोड़कर भाग गए। हालांकि धीरेंद्र शास्त्री ने रायपुर के कार्यक्रम मेें मीडिया के सामने चुनौतियोें का जवाब दिया।

दो रुपये के लिए 25 साल बर्बाद

मुख्यमंत्री बघेल ने रामकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि एक दिन उनके पास एक साधक पहुंचा और बोला कि मैं नदी को पैदल पार कर सकता हूं। उसने नदी को पार करके दिखाया। रामकृष्ण ने पूछा कि इसे करने के लिए कितने दिन साधना की। साधक ने बोला कि मैैं 25 साल मेें यह साधना कर पाया। रामकृष्ण ने बोला कि नदी को नाव से सिपर्फ दो रुपये में पार किया जा सकता है। इसके लिए आपने 25 साल बर्बाद कर दिए।

जब बुद्ध से अपने बच्चे को जिंदा करने की महिला ने की हठ

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भगवान बुद्ध के पास एक महिला पहुंची और अपने बच्चे को जिंदा करने की जिद करने लगी। महिला ने कहा कि यह बेटा उनका एकमात्र सहारा है। गौतम बुद्ध ने महिला से कहा कि उनका बेटा जिंदा हो सकता है, लेकिन एक शर्त है। गांव में ऐसे व्यक्ति के घर से एक मुट्ठी सरसो लेकर आएं, जिसके घर किसी की मौत नहीं हुई है। महिला उम्मीद लेकर घर-घर पहुंची, लेकिन शाम तक उसको एक भी ऐसा घर नहीं मिला, जहां किसी की मौत न हुई हो। बुद्ध ने कहा कि मृत्यु ही सत्य है।

जो धर्म बचाने का ठेका लेते हैं, वह धोखे में हैं.

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि समाज में यह बताना चाहिए कि हमको यह काम नियम का पालन करते हुए करना चाहिए। सधारित्र होना चाहिए, सत्य के मार्ग में चलना चाहिए। हमारे संत महात्मा लगातार बोलते आ रहे हैं। विश्व मेें कितनी जाति, कितने धर्म हैं, लेकिन यह संस्कृति हमारी हजारों साल पुरानी है और कभी समाप्त नहीं हुई। जो धर्म बचाने का ठेका लेते हैं, वह धोखे में हैं।

Posted By: Vinita Sinha

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close