रायपुर (आकाश शुक्ला)। स्वस्थ समाज का संकल्प लिए राजधानी के चिकित्सक 'एक रुपये क्लीनिक" से मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं क्लीनिक से हो रही आय को भी जरूरतमंद मरीजों को दवाओं के लिए दान कर देते हैं। चिकित्सक की पहल से गरीब मरीजों का इलाज उपलब्ध हो पा रहा है। वे स्वस्थ समाज के लिए बेहतर संदेश भी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इनकी पहल की तारीफ की है।

रायपुर निवासी डा. विनय वर्मा ने बताया कि वह आंबेडकर अस्पताल में आपात चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि पैसे की तंगी किसी के इलाज में बाधा न बन बने और हर वर्ग के लोगों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सके, इस उद्देश्य के साथ एक रुपये क्लीनिक की शुरुआत की गई। वे अपने घर में निश्शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं फाफाडीह के पास क्लीनिक में मात्र एक रुपये फीस लेते हैं। यह भी स्वेच्छा से ही मरीज देते हैं। डा. विनय ने बताया कि इस पहल से अब तक साढ़े सात हजार से अधिक मरीजों का इलाज किया गया है।

इस तरह शुरू हुई सेवा की पहल

डा. विनय ने बताया कि आंबेडकर अस्पताल के आपात चिकित्सा विभाग में सेवा के दौरान हर दिन सैकड़ों मरीज व उनके स्वजन से रूबरू होते है। इस दौरान उन्होंने देखा कि कई मरीज आर्थिक तंगी की वजह से समय पर इलाज नहीं करा पाते तो कई लोगों के पास दवाएं व खाने को तक पैसा नहीं होता है। अस्पताल में मरीजों की मदद तो करते थे। ड्यूटी के बाद समय का उपयोग जरूरमंद मरीजों की सेवा में देने का मन बना। कोरोनाकाल से क्लीनिक चल रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर से दे रहे लाभ

डा. विनय ने बताया कि कोरोना काल में सैकड़ों मरीजों का निश्शुल्क उपचार किया गया है। वहीं समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से निश्शुल्क चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसमें हजारों मरीजों को लाभ मिल चुका है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ग को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिले, इस उद्देश्य के साथ वह आजीवन इस तरह की पहल को करने के लिए संकल्पित हैं।

Posted By: Vinita Sinha

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