रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। नगर निगम में राजस्व वसूली कैशलेस नहीं हो पा रही है। पिछले एक साल में 206 करोड़ रुपये राजस्व वसूली हुई है, जिसमें से सिर्फ 9.80 करोड़ रुपये ही आनलाइन भुगतान हुआ है। उपभोक्त्ाओं ने नकद या पाश मशीन से राशि जमा किया है।

कैशलेस को लेकर निगम प्रशासन की तरफ से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है, फिर भी निगम दफ्तर, जोन कार्यालय या फिर कर्मचारियों के घर जाकर भुगतान कर रहे हैं। राजस्व विभाग को इस साल 206.5 करोड़ रुपये का राजस्व वसूलने का लक्ष्य मिला था। इसमें से 168 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। इसमें यूजर चार्ज के रूप में 18 करोड़ भी शामिल है।

यूजर चार्ज के रूप में राजस्व विभाग को 25 से 30 करोड़ की राशि कचरा कलेक्शन के एवज में लोगों से वसूलना था। इस बार 22 करोड़ की एकमुश्त राशि खाते में आई है। इसमें समेकित कर के चार करोड़ रुपये भी शामिल है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि संपत्तिकर के डिमांड में शुरूआती समय में यूजर चार्ज की रकम नहीं जोड़ी गई थी। बाद में अनिवार्य करते हुए सभी से यूजर चार्ज वसूला गया। विकास शुल्क व राजीनामा का 15 करोड़ रुपये निगम के खजाना में जमा हुआ है।

पाश मशीन से भुगतान की पर्ची मानी जायेगी आनलाइन

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बिना नगर निगम मुख्यालय या जोन दफ्तर में आए लोग घर बैठे अपने मोबाइल पर एप के जरिए बकाया राजस्व का भुगतान मिनटों में कर सकते हैं। दूसरा विकल्प, पाश मशीन लेकर राजस्व कर्मचारी घर-घर जाकर यूजर चार्ज वसूलकर पर्ची देंगे। इस पर्ची को आनलाइन माना जायेगा।

देर से टैक्स चुकाने पर पांच करोड़ का अधिभार वसूला

निगम ने बकाया संपत्ति कर का भुगतान देर से करने वालों से पांच करोड़ रुपये अधिभार के तौर पर वसूल किया है। दरअसल, निगम प्रशासन ने 31 मार्च तक लोगों को संपत्ति समेत अन्य करों के भुगतान करने का समय दिया था लेकिन शासन ने 15 अप्रैल तक का समय बढ़ाकर राहत दी थी। इसके बाद भुगतान करने वालों से अधिभार वसूला गया।

कैशलेस सिस्टम को बढ़ावा देने लगातार कोशिश किया जा रहा है। बकायेदारों को घर बैठे आनलाइन करों का भुगतान करने की सुविधा दी गई है। बावजूद, इसके इस साल लोगों ने काफी कम राशि आनलाइन भुगतान किया है।

-अरविंद शर्मा, अपर आयुक्त (राजस्व विभाग), रायपुर नगर निगम

Posted By: Ravindra Thengdi

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